
कुशीनगर जनपद के विकास खंड दुदही में कार्यरत रोजगार सेवकों एवं तकनीकी सहायकों ने अपनी ई.पी.एफ. कटौती की धनराशि खातों में स्थानांतरित न किए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में सभी प्रभावित कर्मियों द्वारा खंड विकास अधिकारी/कार्यक्रम अधिकारी दुदही को एक लिखित प्रार्थना-पत्र सौंपा गया है।
प्रार्थना-पत्र में उल्लेख किया गया है कि शासन के निर्देशों के अनुसार सभी संविदा कर्मियों की ई.पी.एफ. कटौती कर संबंधित खातों में नियमित रूप से जमा की जानी चाहिए, लेकिन विकास खंड दुदही में यह प्रक्रिया लंबे समय से बाधित है। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और लेखा से जुड़े जिम्मेदार कर्मियों द्वारा इस मामले में कोई रुचि नहीं ली जा रही है, जिससे दर्जनों कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि हर माह वेतन से ई.पी.एफ. की राशि काट ली जाती है, लेकिन वह राशि उनके ई.पी.एफ. खातों में ट्रांसफर नहीं की जा रही। इससे न सिर्फ कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित हो रहा है, बल्कि शासनादेशों की भी खुलेआम अनदेखी हो रही है। कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि उन्होंने कई बार मौखिक रूप से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रार्थना-पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र ही ई.पी.एफ. की कटौती की गई धनराशि खातों में जमा नहीं कराई गई, तो सभी प्रभावित कर्मचारी मजबूर होकर उच्च अधिकारियों और न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेंगे।
इस पत्र पर कई रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों के हस्ताक्षर मौजूद हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामला किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे ब्लॉक के कर्मचारियों से जुड़ा हुआ है। कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
फिलहाल इस प्रकरण ने विकास खंड दुदही में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर शिकायत पर कब तक संज्ञान लेते हैं या यह फाइल भी बाकी शिकायतों की तरह दफ्तरों में धूल फांकती रह जाएगी।
प्रार्थीगण / रोजगार सेवक / तकनीकी सहायक रंजीत ,सेवकअजय ,,अमित कुमार ,विनय कुमार,इंद्र कुमार
रंजीत / संजीत ,बृजेश कुमार,अभय प्रताप
प्रदीप यादव,विकास कुमार,अंकित ,सीता देवी,नीतू राय,उर्मिला कुमारी,सुमन यादव
विमला देवी
