
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को मिला नया संकल्प, शपथ व हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत
17 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
तहसील पडरौना सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक केशव कुमार भी मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान डीएम व एसपी ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। समाधान दिवस में तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे, जिससे सभागार पूरी तरह जनसमस्याओं से गूंज उठा।
जिलाधिकारी श्री तंवर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक प्रार्थनापत्र को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई तय है। उन्होंने पारदर्शिता और समयबद्धता को प्रशासन की पहचान बताते हुए कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने पुलिस से संबंधित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय मिलना चाहिए। पुलिस विभाग में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 54 मामले प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व विभाग के 31, पुलिस विभाग के 12, विकास विभाग के 08 तथा अन्य विभागों के 03 प्रकरण शामिल रहे। इनमें से राजस्व विभाग के 06 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष 48 प्रकरणों को समयबद्ध निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन को शपथ दिलाई। साथ ही जिलाधिकारी द्वारा हस्ताक्षर कर हस्ताक्षर अभियान की विधिवत शुरुआत की गई। सभागार “कुशीनगर ने ठाना है, बाल विवाह मुक्त जनपद बनाना है” के संकल्प से गूंज उठा।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक पीयूष, मुख्य चिकित्सा अधिकारी चन्द्र प्रकाश, बीएस राम जियावन मौर्य, उप कृषि निदेशक अतिंद्र सिंह, उपजिलाधिकारी ऋषभ पुंडीर सहित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी, क्षेत्राधिकारी सदर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
सम्पूर्ण समाधान दिवस प्रशासन की संवेदनशीलता, सख्ती और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।









