
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
15 नवंबर 2025
व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने हेतु दिए कड़े निर्देश, अधिकारियों में हलचल
गौ संरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता हुआ शुक्रवार का दिन कुशीनगर जिले के लिए विशेष रहा। उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के मा० उपाध्यक्ष जशवंत सिंह उर्फ अतुल सिंह ने खड्डा, पडरौना एवं रामकोला क्षेत्रों में स्थित विभिन्न गौ-आश्रय स्थलों का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वच्छता, भोजन–पानी, चिकित्सा सुविधा, शेड निर्माण और सुरक्षा प्रबंधन की स्थिति को परखते हुए अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक दिशा-निर्देश दिए।
कान्हा गौ आश्रय स्थल, खड्डा — व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर
खड्डा स्थित कान्हा गौ आश्रय स्थल में मा० उपाध्यक्ष जी ने गौवंश को समय से भोजन-पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिया कि गोसेवा से संबंधित किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की स्थिति का भी आकलन किया गया और उन्हें और बेहतर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
वृहद गौ संरक्षण केंद्र, कोप जंगल खड्डा — संतोषजनक मिली व्यवस्था
कोप जंगल स्थित वृहद गौ संरक्षण केंद्र के निरीक्षण में व्यवस्थाएँ संतोषजनक पाई गईं। मा० उपाध्यक्ष जी ने अधिकारियों से कहा कि गौवंश को स्वच्छ, पौष्टिक आहार, नियमित चिकित्सा सुविधा तथा परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि केंद्र में रहने वाले सभी गौवंश को बिना किसी बाधा के आवश्यक सेवाएँ मिलती रहें।
कान्हा गौ आश्रय स्थल, पडरौना — स्वच्छता व्यवस्था की सराहना
पडरौना में कान्हा गौ आश्रय स्थल के निरीक्षण के दौरान मा० उपाध्यक्ष जी ने वहां की स्वच्छता एवं व्यवस्था की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गौवंश की सुरक्षा और पोषण से जुड़ी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की जरूरत है। गायों की चिकित्सा संबंधी सेवाओं में निरंतर सुधार करने पर विशेष बल दिया गया।
जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक — कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी
निरीक्षणों के उपरांत खड्डा में जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने की।
बैठक में मा० उपाध्यक्ष जी ने गौशालाओं की बेहतरी और सुरक्षा के लिए कई अहम निर्देश दिए—
सभी अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित विभाग सप्ताह में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से गौशालाओं का निरीक्षण करें।
भोजन, पानी, सुरक्षा एवं चिकित्सा सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी न रहे।
वृहद संरक्षण केंद्रों तक जाने वाले मार्गों को सुगम बनाया जाए और पूरे परिसर में मजबूत फेंसिंग सुनिश्चित हो।
हाई-मास्ट लाइट और विद्युत सुविधाओं को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि गौवंश संरक्षण सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए किसी भी स्तर पर शिथिलता अस्वीकार्य है। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें ताकि गोसेवा कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में गौ सेवा आयोग के जिला प्रतिनिधि प्रदीप गोयल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विद्याराम वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला सूचना अधिकारी, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग एवं नगर विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।














