


11 दिसम्बर, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
कुशीनगर कलेक्ट्रेट सभागार में आज माध्यमिक शिक्षा परीक्षा वर्ष 2026 के परीक्षा केंद्र निर्धारण को लेकर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण, विस्तृत और हाई-प्रोफाइल बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद के विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य एवं शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। माहौल बेहद गंभीर और अनुशासित, और संदेश बिल्कुल स्पष्ट—“पारदर्शिता सर्वोपरि, गैर–मानक केंद्र बिल्कुल नहीं!”
🔹 DM तंवर का दो-टूक संदेश — “केंद्र निर्धारण संवेदनशील, छात्रों के हित सर्वोपरि”
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया बेहद संवेदनशील है और करोड़ों अभिभावकों तथा लाखों विद्यार्थियों की उम्मीदें इससे सीधे जुड़ी होती हैं। इसलिए इस बार व्यवस्था पूरी तौर पर सख्त, पारदर्शी और मानक आधारित होगी।
DM ने साफ चेतावनी दी–
“जिस विद्यालय में मानक अधूरे हैं, वह कितना भी दबाव बनाए, केंद्र नहीं मिलेगा। जिसके पास व्यवस्था है, वही प्राथमिकता पाएगा। किसी के साथ अन्याय नहीं होगा, लेकिन किसी प्रकार का खेल भी नहीं चलेगा।”
🔹 133 ऑनलाइन आपत्तियों पर विस्तृत समीक्षा
बैठक में केंद्र निर्धारण से जुड़ी 133 ऑनलाइन आपत्तियों का श्रेणीवार परीक्षण किया गया।
• 05 परीक्षा केंद्रों के निरस्तीकरण के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
• 72 विद्यालयों द्वारा नए केंद्र बनाए जाने के लिए दिए गए आवेदनपत्र पर गहन विचार हुआ।
• 42 आपत्तियाँ अधिक दूरी से संबंधित थीं, जिन पर स्कूलवार समीक्षा की गई।
DM ने कहा कि अधिक दूरी से संबंधित आपत्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि छात्र निर्धारित दूरी के मानक के भीतर केंद्र पा सकें।
🔹 मानक पूरे न करने वाले विद्यालयों को कड़ा संदेश
जिन विद्यालयों ने परीक्षा केंद्र बनाए जाने की मांग तो की, लेकिन मानक अधूरे पाए गए, जिलाधिकारी ने उन्हें साफ निर्देश दिया–
“मानक पूर्ण करें, तभी आपकी मांग पर विचार होगा। अपूर्ण व्यवस्थाओं के आधार पर केंद्र allot नहीं किया जाएगा।”
वहीं जो विद्यालय मानक पूर्ण करते हुए भी सूची में शामिल नहीं हो पाए, उनसे DM ने भवन, इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यवस्थाओं के फोटोग्राफ्स तत्काल उपलब्ध कराने को कहा, ताकि टीपीटी के माध्यम से मौके का वृहद् अवलोकन कर अंतिम निर्णय लिया जा सके।
🔹 पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का वादा
जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि केंद्र निर्धारण की यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और शिकायत-रहित होगी।
“किसी भी विद्यालय के साथ अन्याय नहीं होगा, और योग्य विद्यालयों को पूरा न्याय मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र निर्धारण से बोर्ड परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता मजबूत होगी।
🔹 अंतिम सूची जल्द प्रस्तुत करने का निर्देश
DM ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि
“परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से शीघ्र प्रस्तुत की जाए।”
🔹 बैठक में मौजूद रहे
• मुख्य विकास अधिकारी – वंदिता श्रीवास्तव
• अपर जिलाधिकारी – वैभव मिश्रा
• जिला विद्यालय निरीक्षक – श्रवण कुमार
• जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी – रामजियावन मौर्य
• विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य
कुल मिलाकर बैठक सख्ती, पारदर्शिता और मानक आधारित व्यवस्था के तीखे संदेश के साथ समाप्त हुई। जिलाधिकारी की इस सख्त कार्यशैली से यह साफ संकेत मिला कि 2026 बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण में ‘आवंटन का खेल’ पूरी तरह खत्म, और योग्यता–मानक आधारित व्यवस्था को ही हरी झंडी मिलेगी।
