
कुशीनगर कलेक्ट्रेट पर शिक्षक महासंघ के बैनर तले सैकड़ों शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष अविनाश शुक्ल, महामंत्री मनीष कुमार, शैलेन्द्र दत्त शुक्ल, सुनील सिंह, हाटा बतरौली और विवेक सिंह मठिया माफी दुदही ने किया। शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एडीएम न्यायिक को एक ज्ञापन सौंपा।शिक्षकों ने अपनी मांगों में कहा कि टीईटी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लाखों शिक्षकों का भविष्य अंधकार में पड़ गया है। उन्होंने मांग की कि पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दी जाए और उनकी नौकरी सुरक्षित रखी जाए।
शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।ज्ञापन की प्रति में शिक्षकों ने कहा कि टीईटी परीक्षा देना उनके लिए मुश्किल होगा, क्योंकि वे लंबे समय से नौकरी कर रहे हैं और उनके पास तैयारी करने का समय नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए और उन्हें राहत देनी चाहिए।
शिक्षक महासंघ ने इस प्रदर्शन का आयोजन किया और शिक्षकों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। महासंघ के नेताओं ने कहा कि वे शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं और उनकी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाएंगे।सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि सरकार शिक्षकों की मांगों पर विचार कर सकती है और उन्हें राहत देने के लिए कुछ कदम उठा सकती है।शिक्षक महासंघ ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे आगे की कार्रवाई के लिए तैयार हैं। वे सड़कों पर उतरने और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया।
कुशीनगर कलेक्ट्रेट पर शिक्षकों का प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण घटना है, जो टीईटी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ शिक्षकों के विरोध को दर्शाता है। शिक्षकों की मांगें जायज हैं और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।



