
कुशीनगर
अपर मुख्य सचिव, उ०प्र० शासन द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालय परिसरों में स्थित जीर्ण-शीर्ण क्षतिग्रस्त विद्यालयों के गिरने की सम्भावना बनी रहती है, जिससे बच्चों के जीवन को सदैव खतरा बना रहता है। ऐसे जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों के चिन्हांकन एवं मूल्यांकन हेतु अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा की अध्यक्षता में सहायक अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग व सहायक अभियन्ता, लघु सिचाई विभाग को सदस्य नामित करते हुए तकनीकी समिति गठित की गयी है।
शासनादेश के क्रम में उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालयों के परिसरों में जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण पर विचार कर ध्वस्तीकरण के बारे में सस्तुति किये जाने हेतु जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों की विकास खण्डवार 518 जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों की सूची जांच कर तकनीकी समिति द्वारा विस्तृत तकनीकी टिप्पणी, विद्यालय का मूल्यांकन कर कम्प्युटेड वैल्यु तथा विस्तृत जाच आख्या उपलब्बा कराये जाने का निर्देश दिया गया था तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की विभिन्न तिथियों में प्रेषित पत्र के माध्यम से पूर्व में सूची प्रेषित की जा चुकी है, परन्तु संज्ञान में आया है कि प्रस्तुत 518 विद्यालयों की सूची के सापेक्ष अद्यतन 40 विद्यालयों का ही मूल्यांकन रिपोर्ट प्राप्त कराया गया है. जो अत्यन्त खेदजनक है।
जिलाधिकारी ने उक्त के क्रम में अधिशासी अभियन्ता अध्यक्ष, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, सहायक अभियन्ता सदस्य, लोक निर्माण विभाग,सहायक अभियन्ता सदस्य लघु सिचाई विभाग, को पुनः आदेशित किया है कि शासनादेश दिनांक: 22.01.2020 एवं दिनांक 03.09. 2020 के अनुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, कुशीनगर द्वारा प्रेषित सूची में अंकित विद्यालयों के परिसरों में अवस्थित जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण के सम्बन्ध में विद्यालय का मूल्यांकन कर कम्प्युटेड वैल्यु तथा विस्तृत जांच आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
