
कुशीनगर। जनपद में सोशल मीडिया पर मर्यादा भंग करने वाले अब कार्रवाई से नहीं बच पाएंगे। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों द्वारा की गई अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में दुदही क्षेत्र के मदरसा गौशिया फैजुल उलूम, महियरवा के लिपिक अनवर हुसैन द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि शाहपुर उचकी पट्टी स्थित मदरसा तेगिया शरीफिया नुरुल उलूम के सहायक अध्यापक जाकिर हुसैन (फौकानिया) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपमानजनक और अशोभनीय शब्दों का प्रयोग करते हुए व्यक्तिगत और संस्थागत गरिमा को ठेस पहुंचाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने अपने कार्यालय से पत्र जारी कर मदरसा तेगिया शरीफिया नुरुल उलूम के प्राचार्य को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह आईटी एक्ट के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में भी आ सकती है। ऐसे में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सहायक अध्यापक के विरुद्ध आईटी एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज हो सकता है।
प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की किसी भी हरकत पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी पद या संस्था से जुड़ा व्यक्ति क्यों न हो। इस कार्रवाई से जनपद के मदरसों और शिक्षण संस्थानों में साफ संदेश गया है कि सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता अब सीधे कानून के शिकंजे में आएगी।
