






विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर | 07 मार्च
जनपद के खड्डा तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर एवं पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को कड़े तेवर में स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की शिकायतों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम और एसपी की मौजूदगी में अधिकारियों की कार्यशैली भी कटघरे में दिखाई दी और कई मामलों में मौके पर ही समाधान कर प्रशासन ने अपनी सक्रियता का प्रदर्शन किया।
समाधान दिवस के दौरान फरियादियों की लंबी कतार देखने को मिली। लोगों ने जमीन विवाद, पैमाइश, वरासत, सीमांकन, पुलिस कार्रवाई में ढिलाई और विकास कार्यों में अनियमितताओं से जुड़े मामलों को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखी। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सख्त लहजे में कहा कि शासन की मंशा साफ है—जनता को त्वरित और पारदर्शी न्याय मिले। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में यदि लापरवाही, टालमटोल या अनावश्यक देरी पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय मानी जाए।
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने भी पुलिस विभाग से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा करते हुए थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमि विवाद, आपसी रंजिश और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि फरियादियों को थानों और दफ्तरों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर करना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगा।
समाधान दिवस में कुल 63 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व विभाग के 23, पुलिस विभाग के 13, विकास विभाग के 6, पुलिस-राजस्व संयुक्त 4 तथा अन्य विभागों के 17 मामले शामिल रहे। प्रशासन की सक्रियता के बीच 4 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए सौंपते हुए उनकी नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।
डीएम ने विशेष रूप से भूमि विवाद, वरासत, पैमाइश और सीमांकन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से निपटाने का आदेश देते हुए कहा कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं बल्कि आमजन को त्वरित राहत देने का सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने तहसील परिसर का निरीक्षण कर न्यायालय की पत्रावलियों का अवलोकन किया और लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए उपजिलाधिकारी को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश बर्मा, उपजिलाधिकारी खड्डा, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, समस्त थाना प्रभारी तथा जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि समाधान दिवस में दिए गए सख्त निर्देश जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाते हैं या फिर यह चेतावनियां केवल बैठकों तक ही सीमित रह जाती हैं—इस पर जनता की निगाहें टिकी हुई हैं।
