
विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर से विशेष संवाददाता की रिपोर्ट
जनपद कुशीनगर में शराब ओवररेटिंग के मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। दुदही कस्बा, तमकुहीराज सर्किल क्षेत्र स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान पर “खुलेआम अतिरिक्त वसूली” का वायरल वीडियो सामने आते ही जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर एक्शन मोड में आ गए हैं।
वायरल वीडियो में दुकान का मुनीब कथित रूप से मैकडोल अंग्रेजी शराब की 610 रुपये निर्धारित कीमत वाली बोतल को 620 रुपये में बेचता दिखाई दे रहा है। हैरत की बात यह कि अतिरिक्त 10 रुपये वसूलने का लेन-देन डिजिटल माध्यम फोन-पे से हुआ और 620 रुपये के भुगतान का स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
सवाल यह है कि जब सरकार ने शराब की कीमतें तय कर रखी हैं, तो फिर यह “खुला खेल फर्रुखाबादी” किसके संरक्षण में चल रहा था? क्या यह महज 10 रुपये का मामला है, या फिर हर बोतल पर ‘चुपचाप चल रही वसूली’ का बड़ा खेल?
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम तंवर ने जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) को तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार प्रशासन इस प्रकरण को उदाहरण बनाने के मूड में है, ताकि भविष्य में कोई भी लाइसेंसी दुकान निर्धारित दर से अधिक वसूली करने की हिम्मत न कर सके।
विडंबना यह भी रही कि जब मामला तूल पकड़ रहा था, तब तमकुहीराज क्षेत्र के आबकारी इंस्पेक्टर का फोन नहीं उठना चर्चा का विषय बना रहा। सवाल उठ रहे हैं कि क्या निरीक्षण व्यवस्था कागजों तक सीमित है?
जनता के बीच यह चर्चा भी तेज है कि “अगर 10 रुपये की ओवररेटिंग कैमरे में कैद हो सकती है, तो बिना कैमरे के कितना खेल चलता होगा?”
अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या दोषियों पर सस्पेंशन और लाइसेंस निरस्तीकरण की गाज गिरेगी, या मामला भी अन्य फाइलों की तरह ठंडे बस्ते में जाएगा?
फिलहाल इतना तय है कि कुशीनगर में शराब ओवररेटिंग का यह वीडियो प्रशासन के लिए चुनौती बन चुका है — और जनता जवाब चाहती है, सिर्फ आश्वासन नहीं।
