





23 मार्च | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस इस बार सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का मंच बनकर सामने आया। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और अपर पुलिस अधीक्षक ने जब जनसमस्याएं सुनीं, तो साफ संदेश दे दिया—लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, जनता को हर हाल में समयबद्ध न्याय मिलेगा।
कार्यक्रम में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को डीएम ने गंभीरता से सुना और मौके पर ही कई मामलों का निस्तारण कर प्रशासन की तत्परता का परिचय दिया। कुल 25 प्रार्थना पत्रों में से 3 का तत्काल समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को कड़ी निगरानी के साथ सौंपा गया। खास बात यह रही कि राजस्व से जुड़े मामलों की भरमार पर डीएम ने सीधे अधिकारियों को मैदान में उतरने का आदेश दे दिया।
डीएम ने दो टूक कहा कि जिन गांवों में भूमि विवाद सबसे अधिक हैं, वहां राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम खुद पहुंचकर दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर विवाद खत्म कराए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अनावश्यक देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई तय है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखाते हुए थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि जमीन विवाद, आपसी रंजिश और संवेदनशील मामलों में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करें, ताकि जनता को बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
समाधान दिवस के बाद डीएम ने तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया। अभिलेखों की स्थिति, साफ-सफाई और लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने साफ कहा कि राजस्व न्यायालयों में लंबित वाद अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। हर हाल में समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश दिया गया कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब सीधे कार्रवाई को न्योता देगी। समाधान दिवस का उद्देश्य सिर्फ सुनवाई नहीं, बल्कि त्वरित न्याय देना है—और इसमें कोई समझौता नहीं होगा।
👉 कुल मिलाकर, कप्तानगंज का यह समाधान दिवस प्रशासन की सख्ती, जवाबदेही और जनता के प्रति गंभीरता का स्पष्ट संदेश देकर गया।
