
30 दिसम्बर, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर।
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब सिर्फ एक रनवे नहीं, बल्कि जिले की आकांक्षाओं का आकाश बन चुका है—और इसी सपने को और सुरक्षित, आधुनिक व प्रभावशाली बनाने के इरादे से जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने आज अधिकारियों के साथ एयरपोर्ट परिसर का व्यापक निरीक्षण किया। एयरफील्ड एनवायरनमेंटल मैनेजमेंट कमेटी एवं एरोड्रम कमेटी की संयुक्त कार्यवाही के तहत हुए इस दौरे में पुलिस अधीक्षक केशव कुमार, उप जिलाधिकारी कसया, एयरपोर्ट डायरेक्टर सहित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने निरीक्षण की गंभीरता और प्रशासनिक प्राथमिकता को स्पष्ट कर दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी का फोकस ज़मीनी सच्चाइयों पर था—रनवे की मजबूती, टर्मिनल भवन की सुगमता, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की चुस्ती, सुरक्षा घेरा, अग्निशमन व्यवस्था, पर्यावरणीय मानक, सीमा सुरक्षा एवं आपातकालीन तैयारियों जैसे हर बिंदु पर डीएम की पैनी नजर रही।
अधिकारी सिर्फ सुनते नहीं दिखे, बल्कि आदेशों की दिशा समझते भी नजर आए — क्योंकि डीएम ने “समग्र समीक्षा अब सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि समयबद्ध सुधार का आदेश है” यह स्पष्ट संदेश दिया।
विशेष रूप से उड़ान सुरक्षा पर असर डालने वाले तत्वों—चाहे वह ऊंचे टावर हों, अनियंत्रित पेड़-पौधे हों या आसपास की असंगठित संरचनाएं—उन सभी को तत्काल चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश डीएम ने बेहद सख्त लहजे में दिया। उन्होंने चेताया कि लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं, क्योंकि “उड़ान सुरक्षा पर खतरा, सीधे जिले की साख पर खतरा है।”
इसके साथ ही कूड़ा-कचरा प्रबंधन की मजबूती, हरित क्षेत्रों के विस्तार, पर्यावरण-अनुकूल उपायों के धरातली क्रियान्वयन पर डीएम ने अतिरिक्त जोर दिया। उन्होंने साफ कहा—
“पर्यटन की राजधानी बनने की चाह रखने वाले कुशीनगर में एयरपोर्ट सिर्फ इमारत नहीं, अंतरराष्ट्रीय पहचान का प्रवेश द्वार है—और उसकी सफाई, सुंदरता व सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
यात्री सुविधाओं में सुधार, आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी, सुरक्षा बलों की तैनाती में प्रभावी समन्वय, तथा विभागीय तालमेल को मजबूत करने के निर्देशों ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में हवाई अड्डे की तस्वीर और तासीर दोनों बदलेगी।
डीएम ने उपस्थित विभागों को चेताया—
“समयबद्ध अनुपालन ही प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है—टालमटोल अब स्वीकार्य नहीं।”
निरीक्षण को कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सतत विकास और उच्च स्तरीय संचालन की दिशा में एक निर्णायक कदम बताते हुए डीएम ने कहा कि बेहतर समन्वय से बौद्ध पर्यटन, अंतरराष्ट्रीय यात्राओं, व क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी और कुशीनगर की उड़ान अब और ऊंची होगी।
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर — बदलती प्रशासनिक धड़कनों के साथ… खबरों की धार जारी है।






