
कुशीनगर जनपद के विशुनपुरा थाना क्षेत्र में आयोजित डोला मेला इस वर्ष विशेष चर्चा का केंद्र बना। वजह रही—तेज़तर्रार और जुझारू छवि वाले कस्बा इंचार्ज दरोगा विनय प्रताप सिंह की ड्यूटी के प्रति निष्ठा और सतर्कता।
थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार गुप्ता के निर्देश पर मेला सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे दरोगा विनय प्रताप सिंह ने खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश की परवाह किए बिना पूरी तन्मयता से अपनी ड्यूटी निभाई। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में जहां सुरक्षा व्यवस्था संभालना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है, वहीं इस बार मौसम की मार ने पुलिस बल की परीक्षा और भी कठिन बना दी। लेकिन विनय प्रताप सिंह ने अपनी फुर्ती, नेतृत्व क्षमता और सतर्कता से हर चुनौती को सफलतापूर्वक पार किया।
मेला स्थल पर हर ओर उनकी सक्रियता और सजगता दिखाई दी। चाहे ट्रैफिक व्यवस्था हो, भीड़ नियंत्रण हो या संभावित विवाद की आशंका, हर स्थिति में उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला और अपनी टीम को निर्देशित किया। लोगों ने भी स्वीकार किया कि पुलिस की मौजूदगी और मुस्तैदी के कारण इस बार डोला मेला पूरी तरह शांति और सौहार्द के माहौल में सम्पन्न हुआ।
जनता के साथ-साथ उच्चाधिकारियों ने भी उनकी ड्यूटी के प्रति समर्पण और तत्परता की सराहना की। स्थानीय लोगों ने कहा कि “बारिश हो या तूफान, दरोगा जी की ड्यूटी से समझौता नहीं होता।”
इस बार का डोला मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से सफल रहा, बल्कि यह पुलिस की उत्कृष्ट कार्यशैली का भी गवाह बना। दरोगा विनय प्रताप सिंह की निष्ठा और लगन ने इस आयोजन को यादगार बना दिया और एक मिसाल कायम की कि अगर पुलिस चाह ले, तो हर चुनौती शांति और सुरक्षा में बदल सकती है।
