



विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता की रिपोर्ट
कुशीनगर जनपद के बिशनपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत दुदही स्थित बड़ा हरा बुजुर्ग नेटुवा वीर बाबा स्थान पर विगत दिनों घटी गौ माता की नृशंस हत्या और उनके अंगों को मंदिर प्रांगण में रखे जाने की हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती है। किंतु इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि इतने संवेदनशील और गंभीर प्रकरण के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई की रफ्तार कछुआ चाल से भी धीमी नजर आई, जिससे आमजन में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया।
इसी आक्रोश के स्वरूप आज दिनांक 03 फरवरी 2026 को अपराह्न 2:30 बजे राष्ट्रीय बजरंग दल के आह्वान पर दुदही में जोरदार धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन किया गया। आंदोलन का नेतृत्व राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष ललित शुक्ला ने किया, जिन्होंने प्रशासन की निष्क्रियता पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यदि धार्मिक स्थलों में भी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है तो फिर प्रशासन किस बात की जिम्मेदारी निभा रहा है।
धरना-प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष विनय पाण्डेय, जिला मंत्री अमित राय, जिला गौरक्षा प्रमुख बब्लू कुशवाहा, नगर अध्यक्ष रमन यादव, ब्लॉक अध्यक्ष मधुसूदन चौहान, ब्लॉक उपाध्यक्ष मनोज कुशवाहा, ब्लॉक मंत्री विवेक कुशवाहा तथा ब्लॉक महामंत्री सतेश यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता सत्यम मणि तिवारी, अक्षय कुशवाहा, पंकज, सुनील, अनिल, रोहित, नितेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने आंदोलन को व्यापक स्वरूप दे दिया।
वहीं ब्लॉक गौ-रक्षा प्रमुख पंकज गुप्ता के नेतृत्व में नितेश कुशवाहा, अजय कुशवाहा, संदीप यादव, अभिषेक यादव, आनंद कुशवाहा, मनीष कुशवाहा, निखिल मौर्य, विकास यादव एवं सनी कुशवाहा ने भी आंदोलन में सक्रिय सहभागिता कर प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि अब चुप्पी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, कठोरतम कानूनी कार्रवाई तथा धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही दो टूक चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब देखना यह है कि प्रशासन जागता है या फिर आस्था पर हुए इस हमले को भी फाइलों में दफन कर दिया जाता है।


