
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर, तमकुहीराज से अमित कुमार कुशवाहा की खास रिपोर्ट
कुशीनगर में खनन विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई से बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है। बीती रात खनन अधिकारी की अगुवाई में चलाए गए विशेष अभियान में आधा दर्जन से अधिक बालू लदे ट्रकों को पकड़कर कड़ी कार्रवाई की गई। यह अभियान अचानक और पूरी रणनीति के साथ अंजाम दिया गया, जिससे अवैध खनन और परिवहन में लिप्त नेटवर्क पूरी तरह सकते में आ गया।
इस निर्णायक कार्रवाई में बहादुरपुर पुलिस चौकी प्रभारी विक्रम अजीत कुमार राय की सक्रिय भूमिका रही। उनकी मौजूदगी और मुस्तैदी में पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया, जिससे मौके पर किसी भी तरह की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति उत्पन्न नहीं हो सकी। खनन विभाग और पुलिस के इस संयुक्त प्रयास ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि अब अवैध खनन पर कोई रियायत नहीं मिलेगी।
कार्रवाई के बाद से उत्तर प्रदेश–बिहार सीमा पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सुबह से ही सीमा क्षेत्र में बालू से लदे सैकड़ों ओवरलोड ट्रक कतार में खड़े नजर आए। सभी चालक “साहब के जाने” का इंतजार करते दिखे, मानो पूरे नेटवर्क की सांसें प्रशासन की अगली चाल पर टिकी हों। यह दृश्य अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि एक सख्त कदम कैसे पूरे अवैध तंत्र को ठहराव में ला सकता है।
प्रशासन की इस सख्ती का सीधा असर अवैध खनन और परिवहन पर पड़ा है। सीमा क्षेत्र में निगरानी और चौकसी बढ़ा दी गई है। संवेदनशील मार्गों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है, वहीं खनन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, आगे भी ऐसे औचक अभियान जारी रहेंगे, ताकि अवैध कारोबार की जड़ पर प्रहार किया जा सके।
यह कार्रवाई केवल ट्रकों की धरपकड़ नहीं, बल्कि कानून के राज की पुनर्स्थापना का मजबूत संकेत है। वर्षों से बेलगाम चले आ रहे बालू माफियाओं के हौसले पस्त हुए हैं। प्रशासन ने यह जता दिया है कि जनता के संसाधनों की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुशीनगर में यह अभियान आने वाले दिनों में अवैध खनन के खिलाफ निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

