
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता की रिपोर्ट 07 जनवरी,
कुशीनगर।न्याय को आमजन के द्वार तक पहुंचाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर ने एक सराहनीय और ऐतिहासिक पहल करते हुए कसया स्थित वाह्य न्यायालय परिसर में लीगल एड क्लीनिक की भव्य स्थापना की है। इस क्लीनिक के शुभारंभ से अब न्यायालय में आने वाले वादकारियों, पीड़ितों और जरूरतमंद नागरिकों को कानूनी सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
क्लीनिक का उद्घाटन शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने कहा कि यह लीगल एड क्लीनिक न्यायिक व्यवस्था को जन-जन के लिए सुलभ, सरल और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, यही इस क्लीनिक का मूल उद्देश्य है।
लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से वादकारियों को निःशुल्क विधिक परामर्श, कानूनी मार्गदर्शन, नोटिसों के जवाब, आवेदन पत्र, शपथ पत्र और अन्य न्यायालयीन दस्तावेज तैयार कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क अधिवक्ता भी मुहैया कराया जाएगा, जिससे वे बिना किसी डर या खर्च के अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें।
इसके साथ ही लोक अदालतों और वैकल्पिक विवाद निस्तारण तंत्र के माध्यम से मामलों को न्यायालय में लंबित होने से पहले ही सुलझाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। क्लीनिक के जरिए समय-समय पर कानूनी सहायता शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और जेल दौरों का आयोजन कर समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, दिव्यांगजनों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम में मयंक प्रकाश, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कसया, सर्वेश कुमार पाण्डेय, सिविल जज (जू०डि०), कसया, शुशुम्न पाण्डेय, पैरालीगल वॉलंटियर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताते हुए इसकी सराहना की।
लीगल एड क्लीनिक की स्थापना से कसया क्षेत्र के आम नागरिकों में न्याय के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है, वहीं यह पहल प्रशासनिक संवेदनशीलता और सामाजिक न्याय की सशक्त मिसाल बनकर सामने आई
