

विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
दुदही/कुशीनगर | 11–12 दिसम्बर 2025
दुदही विकास खण्ड परिसर इन दो दिनों (11 एवं 12 दिसम्बर) में कृषि जागरूकता का एक भव्य केन्द्र बन गया, जहाँ कृषि सूचना तंत्र के शुद्धिकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम तथा आत्मा योजना के तहत दो दिवसीय कृषक गोष्ठी का जबरदस्त आयोजन किया गया। पूरे क्षेत्र से लगभग 265 किसान भारी उत्साह के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए, जिसे स्थानीय स्तर पर इस वर्ष की सबसे प्रभावी और सबसे अधिक भीड़ जुटाने वाली कृषक गोष्ठी माना जा रहा है।
गोष्ठी का शुभारंभ प्रमुख प्रतिनिधि श्री लल्लन गोंड ने किया। उन्होंने कहा कि आज का किसान सिर्फ खेत का मालिक नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण में सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। उन्होंने प्रशासन की योजनाओं को किसानों तक ईमानदारी से पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई और किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील की।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी (कृषि) श्री जितेंद्र कुमार शर्मा का उद्बोधन किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की संपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी किसान को योजना से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से जोर देकर कहा कि “फार्मर रजिस्ट्री कराना हर किसान की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।”
इसके साथ ही उन्होंने कृषि यंत्रीकरण, सोलर पंप अनुदान, कृषि उपकरणों, अवसंरचना और भविष्य के कृषि मॉडल पर विस्तृत जानकारी देकर किसानों को नए अवसरों के प्रति जागरूक किया।
गोष्ठी में मौजूद कृषि वैज्ञानिकों ने आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य, फसल विविधीकरण, जैविक उत्पादों, मौसम आधारित खेती और बढ़ती बाजार मांगों पर गहन चर्चा की। वैज्ञानिकों ने साफ कहा कि यदि किसान वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएंगे, तो उपज भी बढ़ेगी और मुनाफा भी दोगुना होगा।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के कर्मियों—ओमप्रकाश भारती, बिटियम सुनील कुमार, संतोष कुमार एवं अशोक कुमार—की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन, आवेदन प्रक्रिया और किसान हितैषी सुविधाओं की समग्र जानकारी किसानों के बीच साझा की।
दुदही ब्लॉक कम्पाउण्ड में आयोजित यह दो दिवसीय कृषक गोष्ठी न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि कृषि विभाग की सक्रियता, प्रशासन की तत्परता और किसानों की बढ़ती जागरूकता का सशक्त प्रमाण भी बनी। किसानों ने ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से जारी रखने की मांग की, ताकि क्षेत्र का हर किसान नई तकनीक, नए अवसर और नई उम्मीदों के साथ कृषि को एक मजबूत दिशा दे सके।



