
28 दिसम्बर, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर।
जनपद कुशीनगर में लोकतंत्र के सबसे मजबूत स्तंभ—मतदाता सूची—को बेदाग, त्रुटिरहित और निर्विवाद बनाने की दिशा में प्रशासन ने सख्ती, पारदर्शिता और संवेदनशीलता का अद्वितीय समन्वय दिखाते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर आधारित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) को लेकर 30 दिसम्बर को अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा एवं समन्वय बैठक प्रस्तावित है, जिसमें राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी वैभव मिश्रा ने जानकारी देते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि चुनावी पारदर्शिता की रीढ़ है। उन्होंने दो टूक कहा—
“मतदाता सूची में एक भी नाम बिना आधार, एक भी नाम छूटे बिना ध्यान, और एक भी त्रुटि बिना सुधार—यही हमारा लक्ष्य है।”
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार मतदाता सूची को ‘पूर्ण, सटीक और विवादरहित’ बनाने के लिए कोई भी लापरवाही, चूक या भ्रम की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। इसी कड़ी में जनपद के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के अध्यक्ष, मंत्री एवं अधिकृत प्रतिनिधियों को 30 दिसम्बर, अपरान्ह 03:00 बजे होने वाली बैठक में शामिल होना अनिवार्य माना गया है। बैठक में मतदाता नामांकन, विलोपन, संशोधन, विशेष श्रेणी मतदाताओं की पुष्टि, दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के अधिकार, सहित वह सभी बिंदु शामिल होंगे, जो लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत आधार देते हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग, बिंदुवार सुझाव और जमीनी अनुभव साझा करने की अपील की है ताकि संशोधित मतदाता सूची “चुनावी ईमानदारी की मिसाल” बन सके।
उन्होंने कहा—
“मतदाता सूची मजबूत होगी, तो चुनावी व्यवस्था निर्भीक और लोकमत अडिग होगा—यही लोकतंत्र की आत्मा है।”
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
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