


विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | सुरेन्द्र कुमार रौनियार की विशेष रिपोर्ट
कुशीनगर जनपद से एक दिल दहला देने वाली और मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। दोस्ती जैसे पवित्र रिश्ते को तार-तार करते हुए एक युवक ने अपने ही दोस्त पर बेरहमी से केमिकल अटैक कर दिया। यह सनसनीखेज वारदात बिशनपुरा थाना क्षेत्र के बंगाली पट्टी गांव की बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बंगाली पट्टी गांव निवासी दुर्गेश भारती (उम्र लगभग 18 वर्ष), पुत्र गेंदा प्रसाद, को उसके ही दोस्त ने बाहर से लौटने के बाद शराब पिलाने के बहाने बुलाया। आरोपी युवक उसे गोड़रिया क्षेत्र की ओर ले गया, जहां पहले उसे जमकर शराब पिलाई गई और फिर अचानक उसके चेहरे पर तेज़ाबनुमा केमिकल उड़ेल दिया गया।
केमिकल पड़ते ही दुर्गेश दर्द से चीख उठा। उसकी आंखों की रोशनी चली गई और चेहरा बुरी तरह झुलस गया। दरिंदगी की हद तो तब पार हो गई जब आरोपी युवक उसे गंभीर हालत में लक्ष्मीपुर के पास सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गया।
कुछ देर बाद परिजनों को सूचना मिली, जिसके बाद दुर्गेश का भाई तलाश करते हुए मौके पर पहुंचा और उसे अचेत अवस्था में पाया। आनन-फानन में दुर्गेश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुदही ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए कुशीनगर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल युवक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
बताया जा रहा है कि पीड़ित के पिता ठेला चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दुर्गेश पांच भाइयों में तीसरे नंबर का है। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है।
विलेज फास्ट टाइम्स की कड़ी प्रतिक्रिया
विलेज फास्ट टाइम्स इस जघन्य और अमानवीय कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करता है। सवाल यह है कि आखिर युवाओं में इतनी बेरहमी और नशे की खुली छूट के लिए जिम्मेदार कौन है? क्या प्रशासन की जिम्मेदारी सिर्फ घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित है?
इस संबंध में बिशनपुरा थाना प्रभारी विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़ा सवाल क्या ऐसे दरिंदों को सख्त सजा मिलेगी?क्या केमिकल और नशे की खुलेआम बिक्री पर प्रशासन लगाम लगाएगा?
विलेज फास्ट टाइम्स मांग करता है कि इस मामले में त्वरित न्याय हो, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और प्रशासन अपनी जिम्मेदारी तय करे, ताकि भविष्य में कोई और दुर्गेश इस हैवानियत का शिकार न बने।
