



विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | दिनांक 21.03.2026
जनपद कुशीनगर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले शातिर अपराधियों पर आखिरकार पुलिस का शिकंजा कस ही गया। थाना कसया क्षेत्र में रोड किनारे खड़े ट्रकों और टैंकरों से डीजल चोरी कर रहे संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पाँच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के सख्त निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कुन्दन कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान का नतीजा है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में नितेश उर्फ बाबूलाल पासवान, रितविक रावत, शुभम यादव, मोनू उर्फ श्याम सूरत पासवान और आदित्य गुप्ता उर्फ गोलू शामिल हैं, जो बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह पहले टैंकरों से तेल की सप्लाई करता और फिर रात के अंधेरे में उसी सिस्टम का दुरुपयोग कर हाईवे पर खड़े वाहनों से पाइप के जरिए डीजल चुरा लेता था। पहचान छुपाने के लिए गाड़ियों की नंबर प्लेट पर कालिख और ग्रीस लगाना इनके “ऑपरेशन” का हिस्सा था।
पुलिस ने इनके कब्जे से 75 लीटर डीजल, लोहे की रॉड, प्लास्टिक पाइप, भारी संख्या में गैलन, एक अर्टिगा कार और टैंकर बरामद किया है। यह बरामदगी न केवल गिरोह की सक्रियता का सबूत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अपराध कितनी संगठित और योजनाबद्ध तरीके से हो रहा था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए कई अभियुक्त पहले से ही आपराधिक मामलों में लिप्त रहे हैं, जिनमें गैंगस्टर एक्ट तक शामिल है। यानी यह कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि पेशेवर अपराधियों का गठजोड़ था जो कानून को खुली चुनौती दे रहा था।
कसया पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब अपराधियों की “रात की कमाई” पर कानून का पहरा भारी पड़ेगा। वहीं स्थानीय लोगों में पुलिस की इस सख्त कार्रवाई को लेकर संतोष है, जबकि अपराधियों के लिए यह सीधी चेतावनी—अब बचना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है।
