


22 जनवरी, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लॉक संसाधन केन्द्र, पड़रौना में आयोजित चार दिवसीय “विराट किसान मेला” का आज भव्य और उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। मेले के चौथे एवं अंतिम दिन का औपचारिक उद्घाटन माननीय विजय कुमार दूबे, सांसद कुशीनगर तथा माननीय विनय प्रकाश गौड़, विधायक रामकोला द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। समापन दिवस पर किसानों में भारी उत्साह देखने को मिला और जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए कृषकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर कृषि नवाचारों व सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
उद्घाटन के उपरांत सांसद एवं विधायक ने कृषि विभाग, संबद्ध विभागों, स्वयं सहायता समूहों एवं फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एफपीओ) द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का गहन अवलोकन किया। जनप्रतिनिधियों ने आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण तथा केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनों की सराहना करते हुए किसानों से अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
समापन अवसर पर किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की सौगात भी प्रदान की गई। सांसद माननीय विजय कुमार दूबे द्वारा सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजनांतर्गत जगरूप फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को ₹8 लाख की लागत से स्थापित फार्म मशीनरी बैंक की चाभी सौंपी गई। वहीं विधायक माननीय विनय प्रकाश गौड़ ने शाहपुर कुरमौटा, कसिया निवासी कृषक वीरेंद्र मिश्र को ₹4 लाख अनुदान से संचालित कस्टम हायरिंग सेंटर की चाभी प्रदान की। इसके अतिरिक्त सेवरही निवासी कृषक रामजनम को कृषि ड्रोन हेतु ₹5 लाख का अनुदान सांसद महोदय द्वारा चेक के माध्यम से प्रदान किया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण से खेती की लागत घटेगी और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कार्यक्रम को रोचक एवं जनोपयोगी बनाते हुए प्रसिद्ध जादूगर श्री राजेश श्रीवास्तव ने कृषि योजनाओं की जानकारी मनोरंजक शैली में प्रस्तुत की, जिसे किसानों ने खूब सराहा। डा० विनय कुमार मिश्र, वैज्ञानिक, गन्ना अनुसंधान संस्थान सेवरही ने बसंतकालीन गन्ने की उन्नत खेती पर वैज्ञानिक जानकारी दी। वहीं डा० शमशेर सिंह, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र सरगटिया ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा कद्दू वर्गीय सब्जियों की उन्नत तकनीकों पर प्रकाश डाला।
उप कृषि निदेशक श्री अतीन्द्र सिंह ने “धरती बचाओ अभियान” के तहत संतुलित उर्वरक एवं कीटनाशकों के वैज्ञानिक प्रयोग पर जोर देते हुए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कराने की अपील की। जिला कृषि अधिकारी एवं मेला प्रभारी डा० मेनका ने बताया कि बसंतकालीन गन्ने के साथ उर्द व मूंग की सहफसली खेती हेतु निःशुल्क बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनके टोकन 31 जनवरी 2026 तक जारी किए जाएंगे।
मेले के दौरान प्रगतिशील किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर तिरपाल वितरित की गई। स्टॉल प्रतियोगिता में दुदही फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को प्रथम, कृषि विज्ञान केन्द्र सरगटिया को द्वितीय तथा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, छठियाँव को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, एफपीओ प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। मंच संचालन श्री लकी तिवारी द्वारा किया गया।

