

किसानों को प्राकृतिक खेती व नवाचार से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल
19 जनवरी, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर।
कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लॉक संसाधन केंद्र, पड़ौना में चार दिवसीय विराट किसान मेला का भव्य शुभारंभ आज 19 जनवरी 2026 को हुआ। इस विराट आयोजन का उद्घाटन मा० राजेश्वर सिंह, मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया गया। मंत्री जी ने मेले में लगी विभिन्न कृषि प्रदर्शनियों का गहन अवलोकन करते हुए किसानों से संवाद किया और उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने, गौ-पालन को बढ़ावा देने तथा आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
मा० मंत्री ने किसानों को नीलगाय से फसलों की सुरक्षा हेतु देसी एवं कारगर उपाय बताते हुए गाय के गोबर को पानी में घोलकर फसलों पर छिड़काव करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक उपाय न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि किसानों की लागत भी घटाते हैं और उत्पादन को सुरक्षित रखते हैं।
इस अवसर पर कु० रिद्धि वर्मा, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया द्वारा मिलेट्स (श्रीअन्न) की खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भविष्य की खेती बताया गया। वहीं लकी तिवारी, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप-ए), कृषि रक्षा विभाग ने रबी फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन, चूहा नियंत्रण तथा कृषि रक्षा रसायनों की उपलब्धता एवं अनुदान की विस्तृत जानकारी दी।
प्रगतिशील किसान हरिशंकर राय ने प्राकृतिक खेती एवं नीलगाय से फसल सुरक्षा के अपने अनुभव साझा कर किसानों को प्रेरित किया। मेले के दौरान मा० मंत्री जी द्वारा मैनुदीन अंसारी, जाकिर हुसैन, राम नरेश सिंह, सुग्रीव शर्मा एवं शम्भू कुशवाहा को 50 प्रतिशत अनुदान पर तिरपाल तथा सुरेन्द्र दुबे को 80 प्रतिशत अनुदान पर कस्टम हायरिंग सेंटर प्रदान किया गया।
डा० विनय कुमार मिश्र, वैज्ञानिक, स्व० बाबू गेवा सिंह गन्ना अनुसंधान संस्थान सेवरही ने गन्ना की उन्नत खेती एवं चूहा नियंत्रण पर विस्तार से जानकारी दी, जबकि डा० वाई० पी० भारती ने मृदा परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
विराट किसान मेले में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा सैकड़ों किसान बंधु उपस्थित रहे। यह मेला किसानों को आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायी कदम साबित हो रहा है।

