
कुशीनगर
प्रत्येक माह के तृतीय शुक्रवार को आयोजित होगा ग्रीन चौपाल
ग्रीन चौपाल की संरचना,दायित्व,तथा क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु दी गई जिम्मेदारी
डीपीआरओ एवं समस्त खण्ड विकास अधिकारी को क्रियान्वयन हेतु दिए गए निर्देश
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली को अपनाने, कृषि वानिकी के सतत् कृषि-वन मॉडल को प्रोत्साहित करने तथा पारम्परिक पर्यावरणीय ज्ञान को पुर्नस्थापित करने का प्रयास के क्रम में शासन द्वारा ग्रीन चौपाल का आयोजन किए जाने का निर्णय लिया गया है।
यह पर्यावरण एवं वन संरक्षण एवं संवर्धन के दृष्टिगत भारत की अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिवद्धता को साकार करने के उद्देश्य से ग्रीन चौपाल ग्राम पंचायत स्तर पर पर जन मानस की सहभागिता सुनिश्चित करने की एक संस्थागत पहल है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण समुदाय की आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य सम्बन्धी भलाई के लिए भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भी एक ऐसी व्यापक रणनीति को ग्राम पंचायत स्तर पर लागू करने के लिए समग्रता में एक एकीकृत पहल की आवश्यकता है. जो विभिन्न मिशनों के प्राविधानों के अधीन ऐसी संस्था ग्रामीण स्तर पर उत्सर्जन को कम करने एवं बदलती जलवायु बनाने पर ध्यान केन्द्रित करेगी। साथ ही भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (Nationally Determined Contributions) को बेहतर करने में ग्रामीण सहभागिता को राक्रिय रूप से प्रखर करेगी, साथ ही 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना एवं 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन (Net Zero Emission) के लक्ष्य तक पहुँचने में भी साकार सिद्ध होगी।
*ग्रीन चौपाल* ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय समुदायों, विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं की पर्यावरण संगत विकास सम्बन्धी सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करेगी, जिससे विकास प्रक्रिया समावेशी और समग्र हो सकेगी। साथ ही. सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों जैसे स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और मनरेगा का उचित उपयोग करते हुए ग्राम पंचायते इस संस्थागत पहल से पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम हो सकती है।
उक्त के सम्बन्ध में शासन द्वारा पर्यावरणीय सुरक्षा एवं संरक्षण के सवैधानिक दृष्टिकोण से ग्रीन चौपाल आयोजित किए जाने की अवधारणा उद्देश्य, सरचना, दायित्व कियान्वयन एवं अनुश्रवण की व्यवस्था भी निर्धारित की गयी है-
आयोजन की आवृत्ति एवं तिथि
प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रत्येक माह के तृतीय शुक्रवार को अनिवार्य रूप से ग्राम चौपाल के साथ ग्रीन चौपाल आयोजित किया जायेगा।तृतीय शुक्रवार को कोई राजकीय अवकाश होने की स्थिति में यह चौपाल अगले कार्यदिवस में आयोजित की जायेगी।
ग्रीन चौपाल के उद्देश्य
सतत् विकास की अवधारणा के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाना।वन, वन्य जीव एवं पर्यावरण संरक्षण में जनमानस की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना एवं ग्रामीण स्तर पर परंपरागत टिकाऊ पर्यावरण प्रथाओं को बढ़ावा देना है।जनमानस को पर्यावरण संगत जीवन शैली अपनाने हेतु अभिप्रेरित करना। पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों जैसे-जैविक खेती आदि के माध्यम से कृषकों की आय में सतत् वृद्धि करना। कृषि वानिकी/बागवानी के नवीनतम मॉडल से स्थानीय कृषकों को अतिरिक्त आय अर्जन करवाना। प्रत्येक गाँव को हरित ग्राम के रूप में स्थापित करना।
ग्रीन चौपाल की संरचना
ग्राम प्रधान द्वारा अध्यक्षता एवं संचालन
सेक्शन बीट अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव,तीन ग्राम पंचायत सदस्य (न्यूनतम 01 महिला),स्वयं सहायता समूह की 01 महिला प्रतिनिधि, प्राथमिक विद्यालय के प्राधानाध्यापक, आंगनवाडी सहायिका,
रोजगार सेवक, प्रगतिशील कृषक, पर्यावरणविद स्थानीय एन०जी०ओ० के प्रतिनिधि,जैव विविधता प्रबन्धन समिति के प्रतिनिधि, स्थानीय विभागों के प्रतिनिधि, सहित विशेष आमंत्रीत सदस्य रहेंगे।
दायित्व
उक्त सभी का दायित्व निर्धारण करते हुए पौधरोपण हेतु ग्राम पंचायतवार माईकोप्लान निरूपण एवं क्रियान्वन में सक्रिय सहभागिता, ग्राम पंचायत में हरीतिमा विकास हेतु उपलब्ध रिक्त भूमि पर स्थानीय प्रजाति का रोपण व अनुश्रवण एवं शासन एवं जिला वृक्षारोपण समिति की मंशा के अनुरूप दायित्वों का निर्वहन, विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त कर जनसामान्य को जागरूक करना तथा विभिन्न विभागों के पर्यावरण/ सतत् विकास सम्बन्धी योजनाओं के कन्वर्जन्स से “ग्राम हरित निधि” की स्थापना एवं संचालन।
क्रियान्वयन* उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु ग्रीन चौपाल प्रत्येक माह में कम से कम एक बैठक अनिवार्य रूप से करेगी, योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु सम्बन्धित विभाग के अभिज्ञ अधिकारियों को प्रचलित योजनाओं की जानकारी देने हेतु समय-समय पर आमंत्रित किया जायेगा। वांछित सामग्री यथा लीफलेट्स, पैम्पलैट्स, फलायर्स आदि को एकत्रित कर स्थानीय स्तर पर हितधारकों को वितरित किया जायेगा।
मौजूद विद्यालयों में शिक्षक विद्यार्थियों को जैव-विविधिता, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु आदि के सम्बन्ध में जागरूक कियाजायेगा।
अनुश्रवण
प्रत्येक माह ग्रीन चौपाल के कार्यों से सम्बन्धित विवरण का संकलन जिला पंचायत राज अधिकारी, कुशीनगर द्वारा किया जायेगा तथा उनके द्वारा जनपद स्तर पर प्रत्येक माह आयोजित होने वाली जिला वृक्षारोपण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। प्रभागीय वनाधिकारी, कुशीनगर द्वारा ग्रीन चौपाल के संचालन हेतु आवश्यकतानुसार समन्वयन स्थापित किया जायेगा।जिला वृक्षारोपण/पर्यावरण समिति द्वारा उत्कृष्ठ कार्य करने वाली ग्रीन चौपालों को सम्मानित किया जायेगा। सराहनीय कार्य करने वाली ग्रीन चौपालों की सूची, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को उपलब्ध कराई जायेगी तथा ऐसे समस्त प्रगतिशील ग्रीन चौपालों को राज्य स्तर पर भी सम्मानित किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी एवं समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में आवश्यक कार्यवाही कराते हुए प्रत्येक माह के तृतीय शुक्रवार को “ग्रीन चौपाल” का आयोजन कराना सुनिश्चित करे। प्रत्येक माह ग्रीन चौपाल के कार्यों से सम्बन्धित विवरण का संकलन जिला पंचायत राज अधिकारी, कुशीनगर द्वारा किया जायेगा तथा उनके द्वारा जनपद स्तर पर बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।
