
डीएम-एसपी की ‘कुर्ता फाड़’ होली और नागिन डांस की चर्चा, प्रशासनिक गलियारों में भी गूंज
विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर | विशेष संवाददाता
कुशीनगर जनपद में होली का त्योहार सकुशल संपन्न कराने के बाद जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार द्वारा मातहतों के साथ खेली गई ‘कुर्ता फाड़’ होली और नागिन डांस इन दिनों प्रशासनिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर लोग इस दृश्य को अधिकारियों के सहज और मानवीय व्यवहार की मिसाल बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे प्रशासनिक व्यवस्था के बीच अनौपचारिकता की एक दिलचस्प तस्वीर के रूप में भी देख रहे हैं।

होली के अगले दिन आयोजित इस अनौपचारिक मिलन में जब जिले के शीर्ष अधिकारी रंग और गुलाल में सराबोर होकर कर्मचारियों के साथ मस्ती करते नजर आए, तो माहौल पूरी तरह से उत्सवी हो गया। वायरल वीडियो में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का नागिन डांस और ‘कुर्ता फाड़’ अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा बटोर रहा है। आम तौर पर सख्त प्रशासनिक छवि में नजर आने वाले इन अधिकारियों का यह रूप कई लोगों के लिए आश्चर्य का विषय भी बन गया।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि त्योहारों के दौरान लगातार ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारियों के दबाव के बीच कर्मचारियों पर काफी मानसिक तनाव रहता है। ऐसे में जब जिले के सर्वोच्च अधिकारी खुद औपचारिकता की दीवार तोड़कर कर्मचारियों के साथ हंसी-खुशी के पल साझा करते हैं, तो इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है और टीम भावना मजबूत होती है।
हालांकि प्रशासनिक हलकों में इस घटना को लेकर हल्का-फुल्का कटाक्ष भी सुनने को मिल रहा है। कुछ लोग इसे यह कहते हुए जोड़ रहे हैं कि यदि यही उत्साह और ऊर्जा प्रशासनिक फाइलों की गति बढ़ाने और जनता की समस्याओं के समाधान में भी दिखाई दे, तो जनपद की कई पुरानी समस्याओं का समाधान और तेजी से हो सकता है।
वहीं कई कर्मचारियों का मानना है कि अधिकारियों का यह मानवीय और सहज रूप प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक संदेश देता है। उनका कहना है कि जब शीर्ष अधिकारी कर्मचारियों के साथ बराबरी के भाव से त्योहार मनाते हैं, तो इससे कार्यस्थल का माहौल बेहतर होता है और जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी नई ऊर्जा मिलती है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कुछ लोग इसे “सरकारी तंत्र में मानवीय रिश्तों की झलक” बता रहे हैं, तो कुछ इसे “तनाव भरे प्रशासनिक माहौल में थोड़ी मस्ती का तड़का” कह रहे हैं।
फिलहाल होली के रंग भले ही अब धीरे-धीरे फीके पड़ रहे हों, लेकिन कुशीनगर में डीएम-एसपी की ‘कुर्ता फाड़’ होली और नागिन डांस की चर्चा अभी भी लोगों की जुबान पर है। यह घटना जहां प्रशासनिक तंत्र के मानवीय चेहरे को उजागर करती है, वहीं यह सवाल भी छोड़ जाती है कि क्या इसी उत्साह के साथ जनसमस्याओं के समाधान की रफ्तार भी बढ़ेगी।
