
कुशीनगर जनपद में बीते दिनों घटित शुभम मोदनवाल हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। यह मामला अब एक बार फिर सुर्खियों में है, जब पीड़ित परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई। मृतक शुभम के माता–पिता और बहन ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे और अपर पुलिस अधीक्षक निवेश कटियार से मुलाकात की।
जानकारी के अनुसार, बीते दिनों कुशीनगर के बोदरवार क्षेत्र में शुभम मोदनवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। स्थानीय स्तर पर हुई जांच के बाद प्रशासन ने मौत का कारण केवल पानी में डूबना बताया, लेकिन परिजनों ने इसे पूरी तरह से संदिग्ध करार दिया।पीड़ित परिवार का कहना है कि जिस समय शुभम का शव पानी से बाहर निकाला गया, उस दौरान सैकड़ों लोग मौजूद थे। आमतौर पर पानी में डूबने से शव फूल जाता है, लेकिन शुभम का शरीर बिल्कुल भी पानी से प्रभावित नहीं दिखा। यही नहीं, शव के कई हिस्सों पर चोट के गहरे निशान मौजूद थे, जो परिजनों के अनुसार साफ तौर पर हत्या की ओर इशारा करते हैं।
इसी पृष्ठभूमि में मृतक के माता–पिता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजे जाने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक निवेश कटियार ने स्वयं परिजनों को बातचीत के लिए अपने कार्यालय बुलाया। एएसपी ने परिवार से विस्तार से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।मुलाकात के बाद मृतक की मां ने कहा कि उनका बेटा शुभम पढ़ाई में अच्छा था और परिवार का सहारा था। उसकी असामयिक और रहस्यमयी मौत ने परिवार की दुनिया उजाड़ दी है। पिता ने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं, बहन ने रोते हुए कहा कि भाई की हत्या को डूबने की घटना बताकर दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे वह कभी स्वीकार नहीं करेंगी।
ग्रामीणों के बीच भी इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि शुभम की मौत एक साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश है। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सत्य सामने आ सके।
अपर पुलिस अधीक्षक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पीड़ित परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की दोबारा गहन समीक्षा की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या तथ्य छुपाने का मामला सामने आता है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे प्रकरण ने जनपद कुशीनगर में कानून–व्यवस्था और पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर शुभम की मौत का असली कारण क्या था? क्या वास्तव में यह हादसा था, या फिर किसी गहरी साजिश का हिस्सा?फिलहाल, शुभम मोदनवाल हत्याकांड न्याय की प्रतीक्षा में है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री को किए गए गुहार और अपर पुलिस अधीक्षक की आश्वासन भरी मुलाकात के बाद परिवार को कब तक और कैसा न्याय मिलता है।
