
तमकुही राज कुशीनगर से विनय कुमार पाठक की खास रिपोर्ट
कुशीनगर जिले में अंधविश्वास और झाड़-फूंक के फेर में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने मंगलवार को उस सनसनीखेज घटना का खुलासा किया जिसमें एक महिला ने अपनी मृत बच्ची को तंत्र-मंत्र से जीवित करने की उम्मीद में कब्र से निकाल लिया। इस मामले में मृतका की मां सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
घटना का पूरा विवरण:
दिनांक 21 जुलाई 2025 को पटहेरिया निवासी विस्मिल्लाह अंसारी ने थाना पटहेरवा में सूचना दी थी कि उसकी 10 वर्षीय पुत्री गुलफ्सा खातून, जिसकी इलाज के दौरान 18/19 जुलाई की रात मृत्यु हो गई थी, उसे 19 जुलाई को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। लेकिन 20/21 जुलाई की रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने कब्र खोदकर शव निकाल लिया।
सूचना पर तत्काल मुकदमा पंजीकृत कर पुलिस द्वारा जांच शुरू की गई और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार मिश्रा के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक निवेश कटियार व क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज राकेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। थाना पटहेरवा व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्यवाही में 06 अगस्त को चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर मामले का सफल अनावरण किया गया।
पुलिस पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा:
पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि मृतका की मां जुबैदा खातून ने अपनी बहन सुबैदा खातून, रिश्तेदार सुगनु खान व तबारक के साथ मिलकर यह हरकत की। इनका मानना था कि झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र से बच्ची को जीवित किया जा सकता है। इसी अंधविश्वास में उन्होंने रात के अंधेरे में कब्र खोदकर शव बाहर निकाला। लेकिन भोर होने पर जब लोगों की आवाजाही बढ़ी तो डर के कारण शव को गांव के समीप स्थित एक मोबाइल टावर के पास छोड़कर भाग निकले।
गिरफ्तार अभियुक्तगण:
गिरफ्तार किए गए चारों अभियुक्त — जुबैदा खातून, सुबैदा खातून, सुगनु खान और तबारक — सभी जनपद कुशीनगर के निवासी हैं और घटना में सक्रिय भूमिका निभाई।
बरामदगी:
घटना में प्रयुक्त दो अदद बुर्का और एक अदद साड़ी भी पुलिस ने बरामद की है।
गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम:
इस पूरे मामले के सफल अनावरण में थाना पटहेरवा के थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सच्चिदानंद यादव, उपनिरीक्षक श्रवण कुमार, सर्विलांस सेल के कांस्टेबल शम्मी कुमार, हेड कांस्टेबल फुलचंद चौधरी व कांस्टेबल पवन गुप्ता की अहम भूमिका रही।

यह घटना समाज में आज भी फैले अंधविश्वास की भयावह तस्वीर पेश करती है, जहां मां अपने ही बच्चे के शव के साथ तंत्र-मंत्र की उम्मीद में इस हद तक चली गई। कुशीनगर पुलिस की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली से मामले का त्वरित खुलासा संभव हो सका और दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।
घटना में सम्मिलित मृतका की माँ सहित 04 लोगों की हुई गिरफ्तारी के संबंध में क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज श्री राकेश प्रताप सिंह की बाईट
