

21 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
उ०प्र० सरकार की मंशा एवं जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद कुशीनगर के संयुक्त जिला चिकित्सालय के भूतल पर स्थापित विशेष दत्तक ग्रहण इकाई का आज भव्य शुभारम्भ किया गया। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रेम कुमार राय ने जिला प्रोबेशन अधिकारी ध्रुव चन्द्र त्रिपाठी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा० दिलीप कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में फीता काटकर इकाई का उद्घाटन किया।
इस अवसर को और भी भावुक बनाने वाला क्षण तब आया, जब पहले से प्राप्त एक बच्चे का प्रवेश कराते हुए अपर जिलाधिकारी ने स्वयं उसका नामकरण किया। यह पल न केवल प्रशासनिक औपचारिकता था, बल्कि संवेदनशील शासन की जीवंत मिसाल भी बना।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने विशेष दत्तक ग्रहण इकाई की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि अब जनपदवासियों को बच्चा गोद लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सारी प्रक्रियाएं पारदर्शी, सुरक्षित और सुगम होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इकाई न केवल अनाथ बच्चों को सुरक्षित आश्रय देगी, बल्कि निःसंतान दंपतियों के जीवन में खुशियों का नया अध्याय भी जोड़ेगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा० दिलीप कुमार ने इसे जनपद के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि यह इकाई बच्चों के संरक्षण, स्वास्थ्य और भविष्य निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी जिम्मेदारी पूर्ण निष्ठा से निभाएं और बच्चों की सुरक्षा व देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमित कुमार राय, सदस्यगण अनिरूद्ध कुशवाहा व कृष्ण कुमार उपाध्याय, बाल कल्याण अधिकारी विनय कुमार, डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नलिन सिंह, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर अभिषेक सिंह, ऋषिराज पाण्डेय सहित महिला कल्याण विभाग के समस्त कार्मिक उपस्थित रहे।
यह इकाई कुशीनगर के लिए केवल एक भवन नहीं, बल्कि उन मासूमों के लिए आशा का घर है, जिन्हें जीवन में सहारे की आवश्यकता है। अब जनपद में गोद लेना न केवल आसान होगा, बल्कि सुरक्षित और भरोसेमंद भी। प्रशासन की यह पहल सामाजिक सरोकारों की दिशा में एक सशक्त संदेश है—हर बच्चा परिवार का हकदार है।

