

तमकुहीराज/कुशीनगर। से सुरेन्द्र कुमार रौनियार की खास रिपोर्ट
कुशीनगर जनपद के तहसील तमकुहीराज क्षेत्र में आय प्रमाणपत्र जारी करने में बड़े घोटाले जैसा मामला सामने आया है। ग्राम बड़हरा बुजुर्ग निवासी जंगली पुत्र बंशी के नाम पर एक ही लेखपाल द्वारा 9 दिनों के अंतराल में जारी दो अलग-अलग आय प्रमाणपत्रों में भारी अंतर पाया गया है। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद क्षेत्र में हलचल तेज है और स्थानीय लोगों के बीच तहसील प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, जंगली ने किसी सरकारी योजना एवं कार्य हेतु आय प्रमाणपत्र बनाने के लिए 7 सितंबर 2025 को सहज जन सेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया था। इस आवेदन पर संबंधित हल्का लेखपाल नन्दलाल गुप्ता द्वारा जारी प्रमाणपत्र में वार्षिक आय ₹6,0000दर्ज की गई। यही मामला यहीं नहीं रुका। केवल एक सप्ताह बाद, 16 सितंबर 2025 को उसी व्यक्ति के नाम पर दूसरा आय प्रमाणपत्र जारी किया गया, जिसमें आय को घटाकर ₹4,8000 दर्शा दिया गया।
दोनों प्रमाणपत्रों में इतनी बड़ी विसंगति सामने आने के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि आय में यह अंतर किस आधार पर किया गया? क्या कोई जांच की गई? क्या सामाजिक, आर्थिक या भौतिक सत्यापन हुआ? या बिना पड़ताल के मनमाने तरीके से प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा प्रकरण हल्के स्तर पर जारी प्रमाणपत्रों में चल रहे कथित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है। लोगों का कहना है कि भूमिखण्ड स्तर के अधिकारी यदि मनचाहे तरीके से आय प्रमाणपत्र में हेराफेरी कर सकते हैं, तो पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित और अपात्र लाभार्थी लाभान्वित होते रहेंगे। ग्रामीणों ने इसे “कार्यालयी लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर अनियमितता” बताया है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
केंद्र और प्रदेश की सरकार लगातार जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर तहसील स्तर पर इस तरह की धांधली सामने आना कई विभागीय सवालों को जन्म देता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि “बिना सांठगांठ, इतनी बड़ी गड़बड़ी संभव नहीं”, इसलिए पूरे प्रकरण की तह तक जाकर जांच कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। क्या जिम्मेदार कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई होगी या मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा — यह आने वाला समय तय करेगा। फिलहाल क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।
