
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | 13 जनवरी
जनपद कुशीनगर में निर्वाचन व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने आज निर्वाचन कार्यालय स्थित ईवीएम गोदाम का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोदाम में सुरक्षित रखी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, सीलिंग प्रक्रिया तथा संबंधित अभिलेखों की बारीकी से समीक्षा की।
निरीक्षण के क्रम में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थाओं के अनुपालन की स्थिति को परखा गया। डीएम ने सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, रिकॉर्डिंग की निरंतरता, प्रवेश–निकास व्यवस्था, सील व लॉक की मजबूती तथा अभिलेखों के नियमित संधारण पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईवीएम की सुरक्षा केवल तकनीकी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है, जिसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। सीसीटीवी सिस्टम 24×7 सक्रिय रहे, किसी भी तकनीकी बाधा की स्थिति में तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सीलिंग प्रक्रिया में पूर्ण सतर्कता बरतने, अभिलेखों को अद्यतन रखने तथा प्रत्येक गतिविधि का विधिवत रिकॉर्ड बनाए रखने पर बल दिया। साथ ही नियमित अंतराल पर निरीक्षण एवं सत्यापन की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से अपनाने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में जनता का भरोसा सर्वोपरि है और यह भरोसा तभी कायम रह सकता है, जब ईवीएम की सुरक्षा एवं रखरखाव में आयोगीय मानकों का अक्षरशः पालन हो। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करें।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी/सहायक निर्वाचन अधिकारी सर्वेश कुमार सहित निर्वाचन कार्यालय के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक सख्ती और सतर्कता का यह संदेश स्पष्ट है—कुशीनगर में लोकतंत्र की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।







