





कुशीनगर, 30 मार्च | विलेज फास्ट टाइम्स
विश्व पटल पर अपनी आध्यात्मिक पहचान को और सशक्त करने जा रहा कुशीनगर एक बार फिर ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी बनने को तैयार है। 31 मार्च से 02 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय बौद्ध कॉन्क्लेव को लेकर पूरा प्रशासन पूरी ताकत के साथ अलर्ट मोड में आ चुका है। कार्यक्रम की भव्यता और संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने कुशीनगर स्थित पथिक निवास में संयुक्त प्रेसवार्ता कर तैयारियों का खुलासा किया।
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का वैश्विक प्रदर्शन है। देश-विदेश से आने वाले बौद्ध अनुयायियों, विद्वानों और पर्यटकों के स्वागत में कोई कमी न रह जाए, इसके लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। आवास, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं—हर मोर्चे पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। विभागों के बीच जबरदस्त समन्वय स्थापित कर दिया गया है, जिससे आयोजन न सिर्फ सफल बल्कि यादगार बने।
वहीं पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने सुरक्षा को लेकर सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि “सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।” प्रमुख स्थलों पर भारी पुलिस बल की तैनाती, चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक मैनेजमेंट की सख्त योजना और खुफिया तंत्र की सक्रियता से पूरे शहर को सुरक्षा कवच में बदल दिया गया है। किसी भी अव्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रेसवार्ता के बाद माहौल और भी आध्यात्मिक हो उठा, जब बौद्ध अनुयायियों ने मुख्य मंदिर परिसर से रामाभार स्तूप तक शांति रैली और कैंडिल पीस मार्च निकालकर विश्व शांति और बंधुत्व का संदेश दिया। सैकड़ों श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता ने इस आयोजन को जन-जन का उत्सव बना दिया।
कुशीनगर अब सिर्फ एक जिला नहीं, बल्कि वैश्विक शांति का संदेशवाहक बनकर उभर रहा है—जहां हर कदम पर आस्था, सुरक्षा और व्यवस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
