
21 नवम्बर, विलेज फास्ट टाइम्स — कुशीनगर
विशेष संवाददाता
कुशीनगर जनपद में खनन कार्यों से जुड़े अवरोध, विभागीय जटिलताओं और अनावश्यक हस्तक्षेप से जूझ रहे जेसीबी संचालकों ने आज कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचकर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर से मुलाकात की। संचालकों ने अपने मुद्दों को क्रमवार रखते हुए एक विस्तृत मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा। उनकी ओर से बताया गया कि खनन संबंधी प्रक्रियाओं में विलंब, विभागीय बाधाएं और अनावश्यक कार्यवाही के कारण अक्सर कार्य प्रभावित हो जाता है, जिससे न सिर्फ संचालकों को आर्थिक हानि होती है बल्कि विकास कार्यों की गति भी धीमी पड़ती है।
संचालकों की बात ध्यानपूर्वक सुनने के बाद जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खनन कार्यों में किसी भी प्रकार की मनमानी, अवैध वसूली या अनावश्यक विभागीय हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अवैध खनन पर सख्त रोक की बात दोहराई, लेकिन साथ ही यह भी आश्वस्त किया कि विधिसम्मत खनन करने वालों को पूरी सुरक्षा, सुविधा और पारदर्शी प्रणाली मिलेगी।
डीएम की बड़ी घोषणा — कलेक्ट्रेट में बनेगा “सिंगल विंडो सिस्टम”
खनन अनुमति, सत्यापन, निरीक्षण और स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने हेतु जिलाधिकारी ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में शीघ्र ही सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जहाँ खनन संबंधी सभी कार्य एक ही स्थान पर, तय समयसीमा में पूरे कराए जा सकेंगे।
यह व्यवस्था विभागीय दौड़-भाग को लगभग समाप्त कर देगी और संचालकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
पोर्टल ‘माइन मित्रा’ पर आवेदन अनिवार्य
जिलाधिकारी ने बताया कि खनन स्वीकृति हेतु संबंधित दस्तावेजों के साथ माइन मित्रा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना आवश्यक है। इसके उपरांत प्रस्तुत खनन योजना की जांच होने के बाद ही जिलाधिकारी स्तर से मिट्टी खनन की अनुमति जारी की जाती है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना अनुमति खनन करते पाए जाने पर उत्तर प्रदेश अपखनिज परिहार नियमावली 2021 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी और अवैध परिवहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लेखपाल व पुलिस विभाग की अनावश्यक भूमिका समाप्त होगी
खनन प्रक्रियाओं के दौरान अनावश्यक हस्तक्षेप की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने सजगता दिखाते हुए कहा कि शासन की गाइडलाइन के अनुरूप लेखपाल एवं पुलिस विभाग की गैर-जरूरी भूमिका समाप्त की जाएगी, जिससे भ्रामक दबाव, भय और अवरोधों की संभावना खत्म हो सके।
इस संबंध में उन्होंने अपर जिलाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए।
संचालकों का मिला समर्थन — उम्मीद बढ़ी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, सभी उप जिलाधिकारी, खनन विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में जेसीबी संचालक मौजूद रहे। जिलाधिकारी के निर्णायक रुख और सकारात्मक पहल से संचालकों में संतोष, विश्वास और उम्मीद की भावना दिखाई दी।
संचालकों ने कहा कि प्रशासन की यह पहल न केवल खनन कार्यों को सुगम बनाएगी बल्कि विकास की रफ्तार को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने अंत में कहा—
“हमारा उद्देश्य खनन कार्यों को पारदर्शी, व्यवस्थित, विवाद रहित और आम लोगों के अनुकूल बनाना है। संचालकों को अनावश्यक परेशानियों से मुक्त करते हुए विकास कार्यों को निर्बाध गति देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
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