
17 जनवरी, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
अब जमीन से जुड़े विवादों और वर्षों पुरानी त्रुटियों पर लगेगा पूर्ण विराम। मा० राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश एवं जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में तहसील पडरौना अंतर्गत सभी राजस्व ग्रामों में खतौनी में खातेदार एवं सह-खातेदारों के अंश निर्धारण में हुई गलतियों को सुधारने के लिए दो माह का रोस्टरवार विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है।
यह व्यापक अभियान 10 जनवरी 2026 से 15 मार्च 2026 तक कुल छह चरणों में संचालित होगा। इसका उद्देश्य केवल त्रुटि सुधार नहीं, बल्कि भूमि अभिलेखों को पूर्णतः पारदर्शी, विवादमुक्त और भरोसेमंद बनाना है। अभियान के प्रथम चरण में अंश निर्धारण की गलतियों के संशोधन हेतु गांव-गांव व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि प्रत्येक खातेदार को अपने अधिकारों की जानकारी मिल सके।
अभियान के अंतर्गत लेखपाल ग्राम पंचायत स्तर पर बैठक आयोजित करेंगे। भूमि प्रबंधक समिति, ग्रामवासियों एवं खातेदारों की उपस्थिति में खतौनी (ख०पू०-3) में दर्ज अंशों को पढ़कर सुनाया जाएगा। जिन खातेदारों के अंश में त्रुटि पाई जाएगी, उनका सही अंश मौके पर दर्ज कराकर सहमति स्वरूप हस्ताक्षर या अंगूठा निशान लिया जाएगा। इसके बाद समस्त विवरण भूलेख पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
राजस्व परिषद ने यह भी निर्देशित किया है कि जिन खातेदारों का अंश सही है, उनसे भी नाम के सामने हस्ताक्षर अवश्य कराए जाएं, ताकि यह प्रमाणित हो सके कि उनके रिकॉर्ड में कोई गलती नहीं है।
आगे के चरण में लेखपाल द्वारा प्रत्येक आवेदन की स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच कर विवादित प्रकरणों की संस्तुति सहित रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, जिसे राजस्व निरीक्षक परीक्षण के उपरांत अनुमोदन हेतु अग्रेषित करेंगे।
तहसीलदार पडरौना ने सभी राजस्व निरीक्षकों एवं लेखपालों को सख्त निर्देश दिए हैं कि रोस्टरवार कार्यक्रम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और यह प्रमाण पत्र दिया जाए कि उनके क्षेत्र की किसी भी खतौनी में अंश निर्धारण की त्रुटि शेष न रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह अभियान न केवल रिकॉर्ड दुरुस्त करेगा, बल्कि किसानों को उनका वास्तविक हक दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।

