

कुशीनगर।
जनपद के विकास खण्ड दुदही अंतर्गत ग्राम पंचायत अमवाखास में सरकारी धन की खुली लूट और मानकविहीन निर्माण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ए०पी० बन्धा से बरवापट्टी जूनियर हाई स्कूल तक निर्मित लगभग 120 मीटर लंबी इंटरलाकिंग सड़क निर्माण के तुरंत बाद ही ध्वस्त हो गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क निर्माण में न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा गया और न ही शासनादेशों का पालन किया गया। घटिया सामग्री, कमजोर बेस और तकनीकी मानकों की अनदेखी का नतीजा यह रहा कि नई-नवेली सड़क पहली ही बारिश और हल्के दबाव में उखड़कर बिखर गई। यह दृश्य सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत और जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। इंटरलाकिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई और भुगतान पूरा निकाल लिया गया। यह सीधा-सीधा सरकारी खजाने की “बंदरबांट” है, जिससे शासन की स्वच्छ मंशा को पलीता लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो ऐसे ही भ्रष्टाचार के खेल चलते रहेंगे।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, मानक के अनुरूप दोबारा सड़क निर्माण कराए जाने और क्षतिग्रस्त कार्य की धनराशि दोषियों से वसूली की मांग की गई है।
यह मामला केवल एक सड़क का नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं की साख का है। यदि ऐसे घटिया और भ्रष्ट निर्माण पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आम जनता का शासन-प्रशासन से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक आंखें खोलता है और क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर जनता को न्याय दिला पाता है या नहीं।










