
21 जनवरी, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
जनपद कुशीनगर में जमीन से जुड़े विवादों और वर्षों से चली आ रही खतौनी की त्रुटियों पर अब प्रशासन ने निर्णायक प्रहार करने की ठान ली है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह ने समस्त तहसीलों में खतौनी में खातेदारों व सह-खातेदारों के गाटों के अंश निर्धारण में हुई त्रुटियों, लोप और गलत प्रविष्टियों के सुधार हेतु विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। यह अभियान जमीन से जुड़े हर परिवार को राहत देने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत प्रत्येक तहसील में रोस्टरवार कार्यक्रम के अनुसार लेखपाल ग्रामवार बैठकें आयोजित करेंगे। इन बैठकों में संबंधित राजस्व ग्राम की खतौनी, आकार पत्र ख०पू०-3 सहित सभी संगत अभिलेखों के साथ खातेदारों व सह-खातेदारों को आमंत्रित किया जाएगा। मौके पर ही अंश निर्धारण की स्थिति स्पष्ट की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की गुंजाइश न रहे।
जिलाधिकारी ने इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर सार्वजनिक स्थलों पर बैनर-पोस्टर लगाए जाएंगे। थाना दिवस व तहसील दिवस पर भी किसानों और नागरिकों को इसकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही जनसूचना एवं संपर्क विभाग के माध्यम से कम से कम दो लोकप्रिय स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित कराई जाएगी, ताकि कोई भी खातेदार इस अवसर से वंचित न रहे।
बैठकों में यदि सह-खातेदार पूर्व में दी गई सहमति से वर्तमान में भी सहमत पाए जाते हैं, तो उनसे पुनः लिखित सहमति ली जाएगी। लिपिकीय त्रुटियों के कारण यदि अंश निर्धारण गलत हुआ है, तो आवेदन पत्र के माध्यम से तत्काल संशोधन की कार्यवाही की जाएगी। सहमति न होने की स्थिति में अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ आवेदन लेकर अग्रेतर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में यह अभियान समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से संचालित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका संदेश साफ है—अब खतौनी में गड़बड़ी नहीं, बल्कि न्याय, पारदर्शिता और त्वरित समाधान ही प्रशासन की पहचान बनेगा।
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर

