

पटहेरवा, कुशीनगर।
जनपद कुशीनगर के पटहेरवा स्थित नेहरू इंटर कॉलेज में भ्रष्टाचार और फर्जी नियुक्तियों के खिलाफ चल रहा ग्रामीणों का आमरण अनशन अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। दो दिनों से जारी यह आंदोलन प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बन गया है, क्योंकि 48 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारी या पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों का आरोप है कि कॉलेज में भारी भ्रष्टाचार और मनमानी नियुक्तियों का खेल वर्षों से चल रहा है। कॉलेज की संपत्तियों का दुरुपयोग कर कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ साधने का अड्डा बना लिया है। जब शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने मजबूर होकर आमरण अनशन का रास्ता चुना।
सबसे चिंता की बात यह है कि अनशन पर बैठे कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी है, फिर भी न तो स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची है और न ही प्रशासन की कोई पहल दिख रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्थिति ऐसी ही रही, तो किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों की तीन प्रमुख मांगें हैं —
1️⃣ कॉलेज में हुई फर्जी नियुक्तियों की जांच,
2️⃣ दोषियों की बर्खास्तगी,
3️⃣ कॉलेज संपत्तियों के दुरुपयोग पर रोक।
प्रशासन की खामोशी ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल, नेहरू इंटर कॉलेज का यह अनशन कुशीनगर प्रशासन की संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
