

विलेज फास्ट टाइम्स न्यूज / कुशीनगर
जनपद कुशीनगर में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर पुलिस ने “मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0” के तहत विशेष जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री केशव कुमार के निर्देशन में आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सुरक्षा सेवाओं की जानकारी देना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सुरक्षित महसूस करें।
अभियान के तहत मिशन शक्ति टीम और एंटी रोमियो स्क्वॉड ने जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में सक्रियता दिखाई। स्कूल, कॉलेज, बाजार, गांव और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पहुंचकर टीम ने महिलाओं और बालिकाओं के साथ संवाद स्थापित किया। महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया और साथ ही उन्हें यह बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में किस तरह से मदद ली जा सकती है।
इस मौके पर पुलिस टीम ने महिला हेल्पलाइन 1090, 181, आपातकालीन सेवा 112, स्वास्थ्य सेवा 102, एम्बुलेंस 108 और साइबर हेल्पलाइन 1930 सहित अन्य महत्वपूर्ण सहायता नंबरों का प्रचार-प्रसार किया। पम्पलेट वितरित कर महिलाओं को इन सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मार्गदर्शन दिया गया। इसके अलावा, एंटी रोमियो स्क्वॉड ने गलियों और सार्वजनिक स्थलों में बेवजह घूम रहे युवकों को चेतावनी देते हुए महिला सुरक्षा सुनिश्चित की।
महिला पुलिसकर्मियों ने खुद महिलाओं और बालिकाओं के साथ संवाद किया। उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि पुलिस हमेशा उनके साथ है और किसी भी प्रकार की समस्या या असुरक्षा की स्थिति में निःसंकोच संपर्क किया जा सकता है। ग्रामीण महिलाओं ने इस पहल की सराहना की और इसे महिलाओं के लिए सकारात्मक कदम बताया।
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि यह अभियान केवल जागरूकता फैलाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनके सामाजिक अधिकारों को सुनिश्चित करना और उन्हें सम्मानजनक स्थान दिलाना भी है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 निरंतर जारी रहेगा और सभी थाना क्षेत्रों में सक्रियता बनाए रखी जाएगी।
इस अभियान से स्थानीय महिलाओं में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। अब वे हर प्रकार की समस्या में पुलिस से मदद लेने के लिए प्रेरित हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पहले महिलाएं छोटी-छोटी समस्याओं में भी डर के कारण पुलिस से संपर्क नहीं करती थीं, लेकिन अब उनका भरोसा बढ़ा है। अभियान ने स्पष्ट कर दिया है कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पुलिस की प्राथमिकताओं में शीर्ष पर है।
अभियान का असर और प्रतिक्रिया:
महिलाओं में सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ी।
हेल्पलाइन नंबरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी व्यापक रूप से फैली।
एंटी रोमियो स्क्वॉड द्वारा महिला सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
महिलाओं और बालिकाओं ने पुलिस पर भरोसा जताया।
स्थानीय समुदाय ने पुलिस की इस पहल को सराहा और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम बताया।
अभियान में शामिल मिशन शक्ति टीम की एक सदस्य ने बताया, “हमारा प्रयास महिलाओं तक यह संदेश पहुंचाना है कि वे किसी भी कठिनाई में अकेली नहीं हैं। पुलिस हमेशा उनके साथ है और उनके अधिकारों की रक्षा करेगी।”
कुशीनगर पुलिस का यह प्रयास महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोग और समाजसेवी भी इस पहल को सराहते हुए कह रहे हैं कि ऐसे अभियान महिलाओं को सशक्त और सुरक्षित बनाने में बेहद प्रभावी साबित होंगे।
इस अभियान ने न केवल महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि पुलिस और समाज मिलकर महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने में योगदान कर सकते हैं।














