
कुशीनगर।तमकुहीराज तहसील में लापरवाह राजस्व कर्मियों के खिलाफ प्रशासन ने अब जीरो टॉलरेंस का डंडा चला दिया है। फरियादियों को महीनों तक चक्कर कटवाने, फाइलें दबाकर रखने और समय से रिपोर्ट न देने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम तमकुहीराज आकांक्षा मिश्रा पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आईं। उनकी सख्ती से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया है और कुर्सियों पर जमे अधिकारियों-कर्मचारियों की नींद उड़ गई है।
सूत्रों के मुताबिक, जनता की लगातार मिल रही शिकायतों में यह सामने आया था कि कुछ राजस्व कर्मचारी मनमानी रवैया अपनाते हुए फरियादियों को बेवजह परेशान कर रहे थे। न तो समय से रिपोर्ट दी जा रही थी और न ही मामलों का निष्पक्ष निस्तारण हो रहा था। इस लापरवाही को सीधे-सीधे जनता के साथ अन्याय मानते हुए एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने बिना किसी दबाव और सिफारिश के कड़ा रुख अपनाया।
एसडीएम के स्पष्ट निर्देश पर तहसीलदार महेश कुमार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राजस्व निरीक्षक हरि नारायण एवं लेखपाल रामचन्द्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। नोटिस जारी होते ही तहसील कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। वर्षों से “सब चलता है” की सोच में काम कर रहे कुछ कर्मचारियों में खलबली साफ देखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मियों से यह स्पष्ट जवाब मांगा गया है कि आखिर क्यों फरियादियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया और क्यों समय से रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में और भी सख्त विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है।
एसडीएम आकांक्षा मिश्रा की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि अब तहसील में लापरवाही, टालमटोल और भ्रष्ट कार्यशैली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का यह सख्त रुख न सिर्फ अन्य कर्मचारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम जनता के लिए भी उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है।
विलेज फास्ट टाइम्स की नजर में यह कार्रवाई एक साफ संकेत है—अब फरियादियों को दौड़ाने वाले अफसरों की खैर नहीं। सवाल यह है कि क्या यह सख्ती केवल नोटिस तक सीमित रहेगी या दोषियों पर वास्तविक दंड भी होगा? अब जनता की निगाहें अगली कार्रवाई पर टिकी
