मुसहर समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे मुख्यमंत्री दरबार की ओर कूच करेंगे।

कुशीनगर के पडरौना विकास खंड के जंगल नाहर छपरा ग्राम सभा में भारतीय जनता पार्टी के नेता पप्पू पांडेय के नेतृत्व में एक वृहद चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुसहर समुदाय की समस्याओं पर चर्चा की गई, जिसमें मुख्य रूप से उनके राजस्व अभिलेखों की जप्ती और अनुसूचित जनजाति में शामिल न किए जाने की मांग उठाई गई।
पप्पू पांडेय ने कहा कि नाहर छपरा के मुसहरों का राजस्व अभिलेख वर्षों से जप्त है, जिससे उनके परिवारों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुसहर समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि वे कोल, भील और संथाल जैसी श्रेणी में आते हैं।
नेता पांडेय ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मुसहरों के लिए योजनाओं का विस्तार तो किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के चलते ये योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह जाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मुसहरों के राजस्व अभिलेख रिलीज नहीं किए गए और उन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल नहीं किया गया, तो जिला प्रशासन के खिलाफ व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मुसहर समुदाय के लोग उपस्थित थे, जिन्होंने अपनी समस्याओं को साझा किया और सरकार से मांग की कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। उपस्थित लोगों में कैलाश राजकुमार सुदामा मुसहर, सूर्यबली मुसहर, संकर मुसहर और अन्य प्रमुख लोग शामिल थे।
मुसहर समुदाय की मांग है कि उनके राजस्व अभिलेखों को रिलीज किया जाए और उन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए, जिससे उन्हें अपने अधिकारों का लाभ मिल सके और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।
