




विलेज फास्ट टाइम्स | जनपद कुशीनगर
दिनांक – 01 मार्च 2026
कहते हैं खोया हुआ सामान मिल जाए तो खुशी दोगुनी हो जाती है—और जब यह काम पुलिस कर दिखाए, तो भरोसा भी लौट आता है। जनपद कुशीनगर पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि तकनीक और तत्परता का संगम हो तो नामुमकिन भी मुमकिन है।
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा की निगरानी में सर्विलांस सेल ने जनता के खोए हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। जनशिकायतों और CEIR पोर्टल पर दर्ज प्रार्थना पत्रों के आधार पर चलाए गए विशेष अभियान में जनपद, गैरजनपद ही नहीं बल्कि गैर-प्रांतों से भी कुल 102 मल्टीमीडिया मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये है।
बरामद मोबाइल में VIVO (23), REALME (17), REDMI (17), OPPO (12), POCO (07), ONE PLUS (07), INFINIX (05), IQOO (05), SAMSUNG (05), MOTOROLA (02) और TECNO (02) शामिल हैं। यह आंकड़ा सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि 102 परिवारों की मुस्कान का प्रतीक है।
01 मार्च 2026 को पुलिस कार्यालय सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए। सभागार में मौजूद लोगों के चेहरे पर संतोष साफ झलक रहा था—जैसे खोया भरोसा भी वापस मिल गया हो।
इस सफलता के पीछे सर्विलांस सेल की मेहनती टीम का विशेष योगदान रहा, जिसमें उ0नि0 सन्नी कुमार दूबे, कम्प्यूटर ऑपरेटर शम्मी कुमार, सुशील कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी अभिषेक कुमार यादव, अतीश कुमार, आरक्षी शेष नाथ, राहुल यादव और रणवीर सिंह प्रियदर्शी शामिल रहे।
वहीं, उत्कृष्ट सहयोग के लिए रामकोला, जटहां बाजार और सेवरही थाने के कर्मियों को “टॉप तीन” में स्थान मिला।
जब अपराधी तकनीक का सहारा लेकर बचने की कोशिश करते हैं, तब कुशीनगर पुलिस तकनीक को ही हथियार बनाकर जवाब देती है। यह कार्रवाई सिर्फ मोबाइल बरामदगी नहीं, बल्कि अपराधियों के लिए सख्त संदेश है—“अब खोया हुआ भी मिलेगा, और छुपा हुआ भी नहीं बचेगा।”
