

मतदाता सूची को शुद्ध, त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाने पर दिया गया जोर
कुशीनगर।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में आगामी चुनावों की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के तहत मतदाता सूची को पूर्णतः शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना था।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की सुदृढ़ता तभी संभव है जब हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो और अपात्र अथवा मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएं। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण में राजनैतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु बूथ लेवल एजेंट्री प्रणाली लागू की है। इसके अंतर्गत प्रत्येक दल अपने बूथ स्तर पर एजेंट नियुक्त करेगा, जो पुनरीक्षण कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
डीएम ने सभी दलों से अपील की कि वे अपने एजेंटों को प्रशिक्षित करें ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम छूट न जाए और गलत प्रविष्टियां सुधारी जा सकें। उन्होंने कहा—“सशक्त लोकतंत्र की नींव शुद्ध मतदाता सूची पर टिकी होती है, अतः इसे पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी से संपन्न किया जाए।”
अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी राजनीतिक दल 4 नवम्बर 2025 तक अपने बूथ लेवल एजेंटों की सूची जिला निर्वाचन कार्यालय में उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारी द्वारा ईयूरेशन फार्म वितरित किए जाएंगे, जिन्हें जांच उपरांत रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जमा किया जाएगा। मतदाता विवरणों पर बूथ एजेंट आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। पहचान प्रमाण के लिए कुल 13 प्रकार के अभिलेखों में से किसी एक को प्रस्तुत किया जा सकता है।
बैठक में निर्वाचन कार्यालय के अधिकारीगण सहित भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी एवं अन्य दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सभी दलों ने जिलाधिकारी की पहल की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि वे मतदाता सूची के अद्यतन व शुद्धिकरण में पूरा सहयोग देंगे।
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
