

कुशीनगर जिले तमकुहीराज तहसील में नायब तहसीलदार तरया पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने 16 जुलाई 2025 को एक विवादित पत्रावली में बिना नियत तिथि के, बिना सिटिंग के और पक्ष-विपक्ष के वकील की गैर-जानकारी में सुनवाई के बिना ही आदेश पारित कर फाइल गायब कर दिए।
आरोपों के बाद हंगामा
आरोप सामने आने के बाद अधिवक्ताओं ने तहसीलदार न्यायालय में घुसकर जमकर हंगामा किया। वकीलों का कहना है कि नायब तहसीलदार ने बिचौलियों के दबाव में आदेश पारित किया। भारी विरोध और हंगामे के बाद नायब तहसीलदार को बिना पत्रावली के ही कायमी प्रार्थना पत्र लेकर आदेश निरस्त करना पड़ा।
अधिवक्ताओं का आरोप
अधिवक्ताओं का आरोप है कि यह घटना बताती है कि नायब तहसीलदार न्यायालय में बिचौलिया तंत्र किस कदर हावी है। अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और जांच की मांग की है।
पहले भी लगे हैं आरोप
तमकुहीराज तहसील में नायब तहसीलदार और तहसीलदार पर पहले भी आरोप लग चुके हैं। तहसीलदार शशिकांत प्रसाद पर अधिवक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि तहसीलदार न तो कार्यालय में बैठते हैं और न ही न्यायालय में। फिर भी मुकदमों में आदेश पारित कर देते हैं।
जांच की मांग
अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार तरया के कारनामों की जांच की मांग की है। “चौथा स्तम्भ” नायब तहसीलदार तरया के कारनामों का लगातार पड़ताल करेगा और सच सामने लाएगा। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है ।


