

28 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह जनवरी–2026 के अंतर्गत परिवहन कार्यालय, कुशीनगर में सड़क सुरक्षा को लेकर एक प्रभावशाली एवं प्रशासनिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को यातायात नियमों के प्रति सजग करना तथा सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की मदद के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में एआरटीओ कुशीनगर मो. अजीम एवं यात्री/मालकर अधिकारी बलवंत सिंह ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सड़क सुरक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल आंकड़े नहीं होतीं, बल्कि इनमें किसी परिवार की खुशियां उजड़ जाती हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह नियमों का पालन कर स्वयं सुरक्षित रहे और दूसरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करे।
अधिकारियों ने विशेष रूप से राहवीर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को “गोल्डन आवर” यानी दुर्घटना के पहले एक घंटे के भीतर निकटतम अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में सहयोग करता है, तो उसे भारत सरकार की राहवीर योजना के अंतर्गत ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मदद करने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कार्यक्रम के दौरान हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे की हालत में वाहन न चलाने, ओवरटेकिंग से बचने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने जैसे महत्वपूर्ण यातायात नियमों पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि नियमों की अनदेखी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
एआरटीओ मो. अजीम ने प्रशासनिक सख्ती का संकेत देते हुए कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, वहीं नियमों का पालन करने वालों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी सड़क सुरक्षा के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में उपस्थित आमजनमानस ने सक्रिय सहभागिता करते हुए राहवीर योजना एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने स्पष्ट एवं संतोषजनक उत्तर दिया। इस अवसर पर परिवहन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन सड़क सुरक्षा की शपथ के साथ हुआ, जिसमें सभी ने सुरक्षित यातायात के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।



