



01 फरवरी | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह, जनवरी-2026 के समापन अवसर पर जनपद कुशीनगर में प्रशासनिक स्तर पर सख्त संदेश देते हुए जिला सड़क सुरक्षा समिति, जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति तथा नो हेलमेट-नो फ्यूल नीति के कड़ाई से अनुपालन को लेकर एक अहम संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वैभव मिश्रा एवं अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रेम कुमार राय ने की।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जनपद को जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यातायात निरीक्षक को निर्देशित किया गया कि पुलिस विभाग की सीसीटी (CCT) रिपोर्ट एवं जनपद के समस्त थानों से प्राप्त ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना बाहुल्य स्थलों की सूची संकलित कर संबंधित विभागों को तत्काल भेजी जाए, ताकि सुधारात्मक कार्यवाही समयबद्ध रूप से की जा सके।
जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। अपर जिलाधिकारी ने जनपद के सभी विद्यालय प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को विद्यालय यान परिवहन समिति का गठन कर नियमित बैठकें आयोजित करने, अनफिट वाहनों का संचालन तत्काल बंद करने, सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित कराने तथा चालकों-परिचालकों का चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अक्षरशः पालन पर बल दिया गया।
नो हेलमेट-नो फ्यूल नीति पर प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि बिना हेलमेट दो-पहिया वाहन चालकों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं दो-पहिया वाहनों से होती हैं, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार सभी पेट्रोल पंपों पर इस नीति का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा।
बैठक के अंत में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का विधिवत समापन किया गया। इस दौरान सड़क सुरक्षा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभिन्न विभागों एवं एनजीओ के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा केवल अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी है, जिसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
