





30 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
जनपद कुशीनगर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हेतिमपुर में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासनिक तत्परता और एनडीआरएफ की दक्षता का सजीव प्रदर्शन देखने को मिला। छोटी गंडक नदी के तट पर बाढ़ आपदा से बचाव हेतु एनडीआरएफ, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित संस्थाओं द्वारा मोबलाइजेशन मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया।
यह मॉकड्रिल 11वीं बटालियन एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में तथा एनडीआरएफ गोरखपुर के निरीक्षक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर निर्माणाधीन तटबंध पर आयोजित इस अभ्यास में पांच संभावित आपदा परिदृश्यों को दर्शाया गया। मॉकड्रिल का संचालन निरीक्षक धीरेंद्र सिंह एवं समन्वय आपदा विशेषज्ञ रवि कुमार राय द्वारा किया गया।
दोपहर एक बजे पहली ड्रिल में नाव पलटने की स्थिति को दर्शाया गया, जिसमें एनडीआरएफ की रेस्क्यू बोट तत्काल मौके पर पहुंची और डूबते लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद प्राथमिक चिकित्सा व सीपीआर का वैज्ञानिक तरीके से प्रदर्शन किया गया। जवानों ने घरेलू संसाधनों की सहायता से जीवन रक्षक उपायों की भी जानकारी दी, जिससे ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ी।
अगले चरण में नदी में डूबे व्यक्ति की खोज एनडीआरएफ के प्रशिक्षित गोताखोरों द्वारा की गई। चौथे दृश्य में क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जा रही सिविल नाव के दुर्घटनाग्रस्त होने पर त्वरित रेस्क्यू कर कई लोगों की जान बचाने का अभ्यास किया गया। अंतिम चरण में नदी में डूब रहे व्यक्ति को सफलतापूर्वक बाहर निकालकर एनडीआरएफ की तत्परता और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर तहसीलदार कसया धर्मवीर सिंह ने कहा कि जनपद का यह क्षेत्र बाढ़ की दृष्टि से अति संवेदनशील है। ऐसे में आपदा से पूर्व प्रशिक्षण देकर ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि संकट के समय जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।
कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी कसया संतराज सिंह, तहसीलदार धर्मवीर सिंह, लेखपाल रतन मंजरी गुप्ता, एनडीआरएफ निरीक्षक धीरेंद्र कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सहित 30 जवान तथा लगभग 200 ग्रामीण उपस्थित रहे। मॉकड्रिल ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासन और एनडीआरएफ हर आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
