
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
कुशीनगर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए जिला अस्पताल से एक नवजात बच्चा रहस्यमय परिस्थितियों में गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों की चीख-पुकार, रोते-बिलखते परिजन और वार्ड में लगी भीड़ ने माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते दिन शाम महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई थी और नवजात को बेहतर देखभाल हेतु SNCU वार्ड में भर्ती किया गया था। परिजनों के मुताबिक बच्चा सुबह तक बिल्कुल ठीक था और उपचार चल रहा था। लेकिन दोपहर बाद अचानक बच्चे को देखने पहुंचे पिता ने देखा कि नवजात वार्ड से गायब है।
पिता ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा—
“8 साल बाद संतान की खुशियाँ मिली थीं, लेकिन अस्पताल ने हमारी गोद ही उजाड़ दी। यह सीधे-सीधे बच्चा चोरी का मामला है।”
मामला सामने आते ही परिजनों का गुस्सा अस्पताल प्रशासन पर फूट पड़ा। वार्ड में मौजूद स्टाफ से परिजन भिड़ गए और हंगामा खड़ा हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुँची और हालात को नियंत्रण में लिया।
पुलिस ने SNCU वार्ड के सभी प्रवेश-द्वारों को सील कर दिया है। अस्पताल के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि—
“यह मामला अत्यंत संवेदनशील है। बच्चे की सुरक्षित बरामदगी हमारी प्राथमिकता है, सभी कोणों से जांच की जा रही है।”
परिजन सदमे में हैं। 8 वर्ष बाद संतान प्राप्ति की खुशियाँ कुछ ही घंटों में मातम में बदल गईं। परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके अनुसार, यदि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती, तो यह घटना संभव ही नहीं थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था नाकाफी है और स्टाफ की लापरवाही पहले भी कई बार सामने आ चुकी है, लेकिन इस तरह नवजात का गायब होना अब तक की सबसे बड़ी घटना है।
फिलहाल पूरा जिला अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है। नवजात की बरामदगी को लेकर पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। परिजन व स्थानीय लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही बच्चे को सकुशल वापस लाया जाएगा।


