

30 मार्च | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
कुशीनगर के विकास भवन सभागार में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में बाल विकास तंत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। नवनिर्मित 17 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का लोकार्पण और 20 नवचयनित सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरण गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसमें जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी ने इसे विशेष बना दिया।
मुख्य अतिथि विधायक रामकोला विनय कुमार गौंड और राज्य पिछड़ा आयोग के सदस्य फूल बदन कुशवाहा ने संयुक्त रूप से केंद्रों का लोकार्पण करते हुए इसे क्षेत्र के लिए “नींव मजबूत करने वाला कदम” बताया। उन्होंने साफ कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य, मातृ स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा के सशक्त केंद्र हैं। नवचयनित सहायिकाओं को चेतावनी भरे अंदाज में जिम्मेदारी का एहसास कराते हुए उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक सख्ती भी साफ झलकी। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने दो टूक निर्देश दिए कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले में 1339 सहायिकाओं के चयन की प्रक्रिया जारी है, जिसमें 5 विकास खंडों का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाकी में तेजी लाई जा रही है। साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी को कड़ी मॉनिटरिंग और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर विशेष फोकस रखने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने संकेत दिया कि अब आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सीधी निगरानी होगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई तय है। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, सीडीपीओ, मुख्य सेविकाएं और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, लेकिन संदेश साफ था—सरकार की योजनाओं को अब जमीन पर प्रभावी और जवाबदेह तरीके से लागू करना ही प्राथमिकता है।
