

विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | तमकुहीराज से अमित कुमार कुशवाहा की खास रिपोर्ट
कुशीनगर तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र में नीलगाय (वन्य पशु) किसानों के लिए गंभीर संकट बन चुकी है। खेतों में खड़ी फसलें नीलगायों के झुंड द्वारा लगातार नष्ट की जा रही हैं, जिससे अन्नदाता आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव में जीने को मजबूर हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के नेता मधुरश्याम राय ने जिलाधिकारी कुशीनगर को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र के किसान महीनों की मेहनत से तैयार की गई फसलों को नीलगायों के कारण बचा नहीं पा रहे हैं। रात के समय खेतों में घुसकर नीलगायें गेहूं, सरसों व अन्य फसलों को चौपट कर दे रही हैं। परिणामस्वरूप किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है और कई किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं।
मधुरश्याम राय ने पत्र में स्पष्ट कहा है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसानों की स्थिति और भयावह हो जाएगी। उन्होंने मांग की है कि तमकुहीराज क्षेत्र में नीलगायों से फसलों की रक्षा हेतु प्रभावी योजना बनाकर शीघ्र कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, “नीलगाय से फसल क्षति की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र का सर्वे कर उचित और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया जाए। किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।”
वहीं कृषि विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नीलगाय रोकथाम के लिए सामुदायिक प्रयास, सोलर फेंसिंग और अन्य वैकल्पिक उपायों पर विचार किया जा रहा है।
अब सवाल यह है कि प्रशासन की यह सक्रियता कागजों तक सीमित रहेगी या वास्तव में खेतों तक पहुंचेगी। तमकुहीराज का किसान टकटकी लगाए प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहा है—क्योंकि उसके लिए यह सिर्फ फसल नहीं, बल्कि जीवन का सवाल है। 🌾✊
