
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | 11 नवम्बर 2025
जनपद कुशीनगर के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा और ज्ञान का नया अध्याय लिखने की तैयारी शुरू हो चुकी है। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि जिले की ग्राम पंचायतों में अब डिजिटल बाल एवं किशोर पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे, ताकि गांव के बच्चे और किशोर अब आधुनिक तकनीक के साथ-साथ अपने स्थानीय इतिहास और संस्कृति से भी जुड़ सकें।
उन्होंने बताया कि इन डिजिटल पुस्तकालयों में पुस्तक चयन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। चयनित पुस्तकों में 50 प्रतिशत किताबें नेशनल बुक ट्रस्ट से और शेष 50 प्रतिशत अन्य प्रतिष्ठित प्रकाशकों से खरीदी जाएंगी। खास बात यह है कि इसमें स्थानीय साहित्यकारों, स्वतंत्रता सेनानियों, राष्ट्र नायकों, क्षेत्रीय लेखकों, इतिहासकारों और महिला-बाल साहित्य से जुड़ी पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक, सरल भाषा में लिखी और ज्ञानवर्धक पुस्तकों को वरीयता दी जाएगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने प्रकाशकों और वितरकों से आग्रह किया है कि वे विज्ञप्ति जारी होने के 7 दिवस के भीतर अपनी पुस्तकों की सूची कार्यालय में भेजें। पुस्तकों की विषयवार, भाषावार एवं मूल्य सूची के साथ लेखक और प्रकाशक का पूरा विवरण ईमेल — dproku-up@nic.in पर उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विलंब से प्राप्त प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों से भी अपील की है कि वे अपनी पसंद की पुस्तकें या पाठ्य सामग्री की सूची इसी ईमेल पर भेज सकते हैं, ताकि पुस्तकालय वास्तव में उनकी जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा सके।
ग्रामीण बच्चों के लिए यह पहल एक नई शैक्षिक क्रांति साबित हो सकती है — जहाँ शहरों की तरह अब गांवों के बच्चे भी डिजिटल ज्ञान, प्रेरणादायक साहित्य और प्रतिस्पर्धी पुस्तकों तक आसानी से पहुंच बना सकेंगे। कुशीनगर प्रशासन की यह योजना न केवल शिक्षा के क्षेत्र में नयी दिशा देगी बल्कि स्थानीय लेखन परंपरा को भी नई पहचान दिलाएगी।
