
कुशीनगर/तमकुही राज:
लोक आस्था, अनुशासन और सेवा भाव का अद्भुत संगम…
कुशीनगर जनपद के तमकुही राज क्षेत्र में इस वर्ष का छठ पर्व प्रशासनिक दृष्टि से मिसाल बन गया।
जहाँ एक ओर सूर्य उपासना की आराधना में लाखों श्रद्धालु घाटों पर उमड़े, वहीं दूसरी ओर उपजिलाधिकारी आकांक्षा मिश्रा ने अपने कुशल नेतृत्व और संवेदनशीलता से पूरे प्रशासनिक तंत्र को मानो “सेवा और श्रद्धा” के एक सूत्र में बाँध दिया।
सुबह से लेकर देर शाम तक, आकांक्षा मिश्रा स्वयं घाट-घाट पर पहुँचकर व्यवस्थाओं का जायज़ा लेती रहीं — कहीं सफाई व्यवस्था की जांच, कहीं सुरक्षा कर्मियों को निर्देश, तो कहीं श्रद्धालुओं से सीधे संवाद।
उनका सरल, आत्मीय और संवेदनशील व्यवहार हर जगह लोगों के दिल जीतता गया।
हर घाट पर उनका यही संदेश रहा — “आस्था की रक्षा, प्रशासन की प्राथमिकता।”
महापर्व की भीड़ के बीच व्यवस्था इतनी सुसंगठित रही कि लोगों ने खुले दिल से कहा —
“ऐसे ही अधिकारियों से प्रशासन पर भरोसा बढ़ता है।”
तमकुही राज के सभी छठ घाटों पर प्रकाश, सुरक्षा और सफाई की उत्कृष्ट व्यवस्था के पीछे SDM आकांक्षा मिश्रा की निरंतर मॉनिटरिंग और टीम भावना झलकती रही।
उनके निर्देशन में पुलिस, नगर पंचायत और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों ने दिन-रात सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी।
प्रशासनिक कड़ाई के साथ मानवीय संवेदनशीलता का संगम शायद इसी को कहते हैं —
जहाँ अधिकारी केवल आदेश नहीं देते, बल्कि स्वयं मौके पर खड़े होकर हर नागरिक की सुविधा का ध्यान रखते हैं।
छठ घाटों से लौटते श्रद्धालु बस एक ही बात कहते नजर आए —
“धन्यवाद आकांक्षा मैम, आपने साबित किया कि जब प्रशासन सेवा भाव से काम करे तो आस्था और व्यवस्था दोनों साथ खिलते हैं।”


