

कुशीनगर महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर पडरौना में जल कल परिसर स्थित हनुमान मंदिर में महर्षि वाल्मीकि जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। बाल्मीकि द्वारा रचित रामायण अखंड पाठ एवं पूजा का विधिवत शुभारंभ अध्यक्ष नगर पालिका परिषद विनय जायसवाल एवं अधिशासी अधिकारी पडरौना तथा जिलाधिकारी द्वारा नामित नोडल अधिकारी सर्वेश कुमार सिंह द्वारा किया गया।
इस अवसर पर गायक अंकुश तिवारी, विनय कुमार पांडे,एवं वादक ईश्वर चंद्र मिश्रा द्वारा अखंड पाठ किया जा रहा है। मंदिर के पुजारी मृत्युंजय दीक्षित, दिवाकर द्वारा पूजा प्रारंभिक रूप से किया गया।
इस अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित महिला पुरुषों तथा युवा उपस्थित रहे प्राचीन सभ्यता में रामायण ग्रंथ संस्कृत में रचयिताकर्ता भगवान महर्षि वाल्मीकि जी जो रत्नाकर डाकू से महापुरुष बनकर 12 वर्ष पूर्व भगवान राम के संपूर्ण जीवन का विस्तार से संस्कृत में उल्लेख वाल्मीकि जी ने किया था तथा अपने आश्रम में सीता माता तथा वाल्मीकि आश्रम में लव कुश द्वारा वहां की महायुद्ध भी रामचंद्र अयोध्या के श्री राम, लक्ष्मण, भरत , शत्रुघ्न द्वारा महायुद्ध वर्णित किया गया व सीता जी जीवित धरती माता के घर में विलीन हो गई थी।
इसअवसर पर दिशा निर्देशानुसार समाज से बुराइयों को दूर कर अच्छाई का पाठ पढ़ाने वाले भागवान महर्षि बाल्मीकि जी के प्रेंरणा रामायण पुस्तक के दोहा तथा भगवान राम के जीवन पर उल्लेख का वर्णन पर विचार विमर्श किया गया।
उक्त कार्यक्रम के अतिरिक्त विकास खण्ड सेवरही में पंचमुखी हनुमान मंदिर में तथा कसया विकास खण्ड अंतर्गत मैनपुर कोट मंदिर में भी महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई गई।
इस दौरान पर्यटन सूचना अधिकारी प्राण रंजन,नगरपालिका परिषद के कर्मचारी गण सहित पडरौनावासी उपस्थित रहे।
