
कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में जच्चा-बच्चा की मौत से अफरा-तफरी
कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में एक दर्दनाक घटना घटी है। कसया नगर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड नंबर 8 सिविल लाइन निवासी शबनम पत्नी अरमान की मौत हो गई। शबनम को जिला अस्पताल कुशीनगर में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टर ने बताया कि महिला के शरीर में खून की भारी कमी है।
_मामले की जानकारी_
शबनम की तबीयत बुधवार सुबह अचानक बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें कसया समुदाय स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन डॉक्टर न मिलने पर उन्हें जिला अस्पताल कुशीनगर में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि महिला के शरीर में खून की भारी कमी है और गर्भावस्था के पूरे नौ महीने बीतने के बावजूद परिजनों ने कोई जांच नहीं कराई थी।
_मौत के बाद अफरा-तफरी_
शबनम की मौत के बाद परिजन शव को स्टेचर पर छोड़कर एंबुलेंस की तलाश में बाहर निकले। इससे शव गेट पर पड़ा रहा और लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोगों ने इस दौरान वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
_मेडिकल कॉलेज प्राचार्य की प्रतिक्रिया_
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर आरके शाही ने इस पूरे मामले में सीएमएस को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
_सीएमएस की प्रतिक्रिया_
सीएमएस डॉ दिलीप कुमार ने बताया कि प्रसूता की बच्चेदानी फट चुकी थी। यदि कसया सीएससी में समय से ऑपरेशन हो जाता तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
_परिजनों का आरोप_
परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिला, जिससे शबनम की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
_निष्कर्ष_
कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला एक दर्दनाक घटना है। इस मामले में जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि मरीजों को समय पर इलाज मिले और उनकी जान बचाई जा सके।
